लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट की कमी के संकट से निजात दिलाने के लिए मेडिकोज ने पहल की है। मेडिकोज ने स्वैच्छिक रक्तदान कर गंभीर मरीजों की जान बचाने का संकल्प लिया।
केजीएमयू के ब्लड बैंक में पिछले कई दिनों से ए और एबी पॉजिटिव ग्रुप के ब्लड यूनिट का संकट बना है। मरीजों को मांग के अनुसार ब्लड यूनिट देने में दिक्कतें आ रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों की परेशानियों को देखते हुए केजीएमयू के मेडिकोज ने अहम कदम उठाया है।
डीन एकेडमिक्स डॉ. वीरेंद्र आतम के नेतृत्व में मंगलवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें एमबीबीएस छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। शिविर में 25 छात्रों व रेजिडेंट्स ने रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
डॉ. वीरेंद्र आतम ने कहा कि परीक्षा और वार्ड ड्यूटी जैसे व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मेडिकोज ने रक्तदान के लिए समय निकाला। जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी ये छात्र समय-समय पर ब्लड डोनेशन करते रहेंगे।
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. तुलिका चंद्रा ने भी इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि रक्तदान न केवल जरूरतमंद मरीजों की जान बचाता है, बल्कि दाताओं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। रक्तदान के दौरान एचआईवी, हेपेटाइटिस बी व सी, सिफिलिस और मलेरिया जैसी बीमारियों की जांच भी होती है, जिससे दाता अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहते हैं। जब कड़ी मेहनत करने वाले मेडिकल छात्र और रेजिडेंट्स रक्तदान के लिए आगे आ सकते हैं, तो समाज के अन्य लोगों को भी इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।












