लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्राईवेट प्रैक्टिस व अन्य आरोपों के बाद बर्खास्त हुए डा. आमोद के बाद कई आैर डाक्टरों का सख्त कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। इनमें एक डाक्टर विभाग प्रमुख है आैर उस पर प्राईवेट प्रैक्टिस करने का आरोप लग चुका है।
केजीएमयू में शनिवार की हुई कार्यपरिषद की बैठक में डा. आमोद पर प्राईवेट प्रैक्टिस अन्य गंभीर आरोप लगे थे। आरोपों का जवाब देने के लिए डा. आमोद को नोटिस जारी की गयी थी। उन्होंने नोटिस का जवाब देने के लिए कुछ वक्त आैर मांगा था। जिसे देने से मना कर दिया गया।
…आरोपों पर कार्यपरिषद की बैठक में मंथन के बाद बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। डा. आमोद सेवा निवृत्त से ठीक तीन दिन पहले बर्खास्त किये गये है। डा. आमोद ने इसे अपने खिलाफ साजिश बतया केजीएमयू के इतिहास में पहली बार कोई डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में बर्खास्त किया गया है। तीमारदार की शिकायत के बाद एक अन्य विभाग के डाक्टर की जांच के लिए कमेटी बना दी गयी। बताया जाता है कि जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर दी गयी। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई है। बताया जाता है कि कुछ आैर डाक्टर के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस का आरोप है।















