लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के शताब्दी अस्पताल फेज वन में महिला तीमारदार के साथ गैंग रेप करने वाले सुरक्षा गार्ड व लिफ्ट संचालक को तैनात करने वाली दोनों एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। हालंाकि इनमें मिश्रा सिक्योरिटी को पहले भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने दो एजेंसियों को दस हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
केजीएमयू कुलपति प्रो. भट्ट ने बताया कि इस घटना के बाद जिम्मेदार एजेंसियां मिश्रा सिक्योरिटी व पैथर्स को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इन दोनों एजेंसियों की जमानत जब्त करने के साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया गया है। केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा ने बताया कि दोनों सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड व लिफ्ट आपरेटर शताब्दी अस्पताल फेज वन व दो में तैनात है। उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव ने यह निर्णय भी लागू कर दिया गया है।
केजीएमयू प्रशासन सोता रहा, पता ही नही चला
केजीएमयू के प्राक्टर डा. आर ए एस कुशवाहा अपने रिश्तेदार को देखने सुबह आये आैर उन्हें इस घटना का पता ही नहीं चल पाया। पुलिस भी मौके पर आयी आैर जांच पड़ताल करके चली गयी, लेकिन केजीएमयू प्रशासन को पता नहीं चल पाया।
शताब्दी अस्पताल सुबह आठ बजे के आस-पास अपने मरीज का हाल चाल लेने आये। उन्हें आने पर प्रोटोकाल भी बनाय गया। मेन गेट से लेकर ऊपर तक सुरक्षा गार्ड तैनात रहे। इस दौरान अस्पताल में घटना की खबर आग की चल रही थी लेकिन तंत्र मजबूत न होने के कारण उन्हें भी पता नहीं चल पाया। नौ बजे के बाद न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डा. बीके ओझा ने ही केजीएमयू प्रशासन को जानकारी दी।
मेहरबान रहते है एजेंसियों पर अधिकारी
केजीएमयू में मिश्रा सिक्यूरिटी एजेंसी को पहले भी ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की मेहरबानी के कारण उसे दोबारा काम दिया गया आैर उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गयी। यहीं नही अन्य एजेंसियों के गार्ड व कर्मचारियों के खिलाफ शिकायते भी की गयी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
यह सिक्योरिटी एजेंसी सभी प्रकार के मैन पावर की सप्लाई केजीएमयू प्रशासन की मंाग के अनुसार करती है। लिफ्ट आपरेटर, सुरक्षा गार्ड, लिपिक यहां तक फार्मासिस्ट व नर्सिग के साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी आपूर्ति कर देती है। इस कम्पनी के खिलाफ मानकों को पूरा न करने व तैनाती करने में धांधली की शिकायते की गयी लेकिन केजीएमयू प्रशासन में अपनी गमक के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कु छ दिन पहले ट्रामा सेंटर में पीआरओ की पिटाई के बाद भी केके सिक्योरिटी गार्ड निर्देश के बाद भी नेम प्लेट नहीं लगाते है, जब कि केजीएमयू के प्राक्टर डा. कुशवाहा निर्देश दे चुके है।















