लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारी परिषद ने चेतावनी दी है कि बृहस्पतिवार की शाम तक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार से केजीएमयू में कर्मचारी पूर्ण कार्यबहिष्कार करेंगे। इस कारण ओपीडी से लेकर भर्ती तक के मरीजों का इलाज ठप हो सकता है। यहां तक इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार का कहना है कि शासन ने केजीएमयू के 14 कैडर का पुनर्गठन एक महीने में पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक केजीएमयू में किसी भी संवर्ग के कर्मचारियों का पुर्नगठन नहीं किया गया है। बुधवार तक केजीएमयू कर्मचारियों ने इंतजार किया, किसी जिम्मेदार अधिकारियों का कोई उत्तर या फोन नहीं आया। इस लिए बुधवार की शाम को पदाधिकारियों की बैठक कर कार्यबहिष्कार की रणनीति तैयार की गयी है।
प्रदीप गंगवार ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व कार्यबहिष्कार के दौरान 14 कैडर पर मान गए थे। ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। शासन ने हमारी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया है। बृहस्पतिवार को आखिरी दिन है अन्यथा लिहाजा सभी कर्मचारी पूरी तरह से सेवाएं ठप करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में केजीएमयू प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। ऐसे में अब मरीजों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी अधिकारियों पर होगी।












