सीतापुर के डाक्टरों ने की लापरवाही, केजीएमयू डाक्टरों ने बचायी जान

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लखनऊ। बिना खून की जांच किये ही सर्जरी करने से बच्चे की जिंदगी खतरे में पड़ गयी। इस बच्चे की जान किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने डाक्टरों ने बचायी। दरअसल सीतापुर के सर्जन ने बिना ब्लड की जांच के बच्चे के पेशाब की नली में पथरी की सर्जरी कर दी थी, जिसके कारण ब्लडिंग लगातार होने से बच्चे की हालत बिगड़ गयी थी, क्योंकि बच्चा हीमोफीलिया से पीड़ित है।

सीतापुर निवासी नीरज ने बताते है कि उसके चार वर्षीय बेटे को मूत्राशय के आसपास तेजी से दर्द होने पर डाक्टरों से जांच करायी। विशेषज्ञ डाक्टर से जांच कराने पर पेशाब की नली में पथरी की पुष्टि हुई। विशेषज्ञ डाक्टर ने जल्द ही सर्जरी करके पथरी को निकालने का दावा किया।

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पिता नीरज बताते है कि डाक्टर ने सर्जरी करने से पहले ब्लड की जांच नहीं करायी आैर सर्जरी कर दी। सर्जरी करने के बाद बच्चे को नाभि के पास से लगातार ब्लीडिंग होने लगी आैर तबियत तेजी से बिगड़ रही थी। हालत तेजी से बिगड़ने पर बच्चे को केजीएमयू रेफर कर दिया गया।

आपरेशन बच्चा छोटा होने के कारण जटिल था –

यहां पर वरिष्ठ बाल शल्य सर्जन डा. जेडी रावत ने देखा तो बच्चे के नाभि के पास लगे चीरे से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी, ब्लड मूत्राशय के पास जाकर जमा हो रहा था आैर थक्का बनता जा रहा था। उन्होंने बताया कि पहले ही हीमोफीलिया होने की आशंका थी फिर भी ब्लड की जांच करायी तो हीमोफीलिया की पुष्टि हुई। इसके बाद बच्चे को लगातार दस यूनिट ब्लड चढ़ाया आैर इसके बाद सर्जरी करके मूत्राशय के आस-पास जमा हो रहा ब्लड को निकाला गया। उन्होंने बताया कि यह आपरेशन बच्चा छोटा होने के कारण जटिल था। उन्होंने बताया कि उनके साथ डा. सरिता, डा. अनीता मलिक आदि थे। अब बच्चा स्वस्थ्य है।

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