लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च विभाग में तैनात डॉक्टर मैं कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। विभाग के 12 अन्य लोगों को चिन्हित करके क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। इसके साथ ही केजीएमयू में कुलसचिव कार्यालय यूजी पीजी सेक्शन में तैनात बाबू तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में तकनीशियन कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। दोनों को भर्ती कर दिया गया है। कुलसचिव कार्यालय के 22 अन्य कर्मचारियों को चिन्हित करके जांच के लिए सैंपल भेज दिया गया है ,आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी। केजीएमयू में नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ सुधीर ने बताया कि सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च सेंटर में तैनात एक डॉक्टर में कोरोना के लक्षण दिखने पर उसकी जांच कराई गई। जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डॉक्टर को संक्रामक रोग के करो ना वार में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही उनके संपर्क में आए सभी 12 कर्मचारियों को चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी की जांच शनिवार को की जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी। इसी प्रकार कुलसचिव कार्यालय में यूजी पीजी सेक्शन में तैनात बाबू को कोरोना संक्रमण मिला। विभाग में करो ना संक्रमण मिलते ही पूरे कुलसचिव कार्यालय में हड़कंप मच गया। अब मरीज के संपर्क में आने वाले 22 अन्य कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है, इन सभी का टेस्ट भी करा लिया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कुलसचिव कार्यालय में कुछ दिन पहले एक और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आया था। विभागीय लोगों का कहना है कि कहीं भी प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। काशी लोग बिना मास्क के अंदर टहला करते हैं। इसके साथ ही ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में तैनात एक तकनीशियन में कोरोना के लक्षण दिखने पर जांच कराई गई तो उसे कोरोना संक्रमण निकला। डॉ सुधीर ने बताया संक्रमण मिलने के बाद दोनों को भर्ती कर लिया गया है ब्लड बैंक के दो कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया गया है।