, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
लखनऊ। King George’s Medical University (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों और उनके तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले दलालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार और मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान ट्रॉमा चौकी इंचार्ज आशुतोष कुमार की टीम ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया गिरोह सस्ते इलाज, तुरंत दवाइयां और निजी अस्पतालों में बेड दिलाने के नाम पर मोटी रकम और कमीशन वसूलता था।
दवा की दलाली में ऋषभ और फैज धरे गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी ऋषभ और फैज ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों के तीमारदारों को अपना निशाना बनाते थे। आपात स्थिति में जल्दी दवा उपलब्ध कराने का झांसा देकर ये तीमारदारों से पैसे ऐंठते थे।
मेडिकल स्टोर से सांठगांठ: दोनों आरोपियों के तार मेडिकल चौराहा स्थित एक निजी मेडिकल स्टोर से जुड़े हैं।
कमीशन का खेल: यह गिरोह मरीजों को तय मेडिकल स्टोर पर भेजकर भारी कमीशन वसूलता था।
मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजने वाला शावेज गिरफ्तार
अभियान के दौरान पुलिस ने मदेयगंज (निराला नगर) निवासी शावेज को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ट्रॉमा सेंटर में आने वाले सीधे-साधे मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में शिफ्ट कराता था, जिसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था।
पुलिस खंगाल रही मोबाइल और नेटवर्क
चौकी पुलिस फिलहाल तीनों आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और संपर्क सूत्रों की सघन जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि ट्रॉमा सेंटर के अंदर और बाहर इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग या प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












