लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे तीन दिवसीय योग महोत्सव में आये आईआईटी स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट मुम्बई के सहा.प्राध्यापक आशीष पाण्डे ने बताया कि योग से बेहतर स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि दैनिक दिनचर्या को भी सुधार कर बेहतर कार्य प्रतिभा का परिचय दिया जा सकता है। इसमें कर्म व हठ योग प्रमुख है। कर्म योग से व्यक्ति पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव शरीर पर पड़ता है। वह मैनेजमेंट क्षमता के अलावा याददाश्त बढ जाती है। वह अपनी कार्य के प्रति गंभीरता बढ़ जाती है। इसका प्रयोग मैनेजमेंट में बेहतर किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हठ योग में एक बेहद खास बात होती है यह व्यक्तिव को ही बदल देता है। लगातार इसके प्रयोग से व्यक्ति में करु णा, निस्वार्थ भावना के साथ नैतिकता का विकास होता है। वह कार्य के प्रति समर्पित हो सकता है। इस पर छात्रों पर शोध भी किया जा चुका है। इसमें सार्थक परिणाम निकले। यह शोध वर्ष 2006 से 2011 तक चला था।
अब मधुमेह पर शोध किया जा रहा है। मधुमेह में योग में अभी तक शरीर पर प्रतिक्रिया देखी जाती थी कि क्या असर पड़ता है, पर अब शोध में मेडिटेशन का असर देखा जा रहा है। बीमारी में प्री व पोस्ट में दोनों पर प्रभाव देखे जा रहे है।















