लखनऊ। केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी मैं बीती रात मरीज की मौत पर तीमारदारों की तोड़फोड़ व मारपीट से नाराज रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टरों की अघोषित हड़ताल आज से शुरू हो गई थी। जिसका खामियाजा आज सुबह से मरीजों को उठाना पड़ा भर्ती के लिए आने वाले मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। मरीजों को ट्रामा सेंटर प्राथमिक इलाज के लिए भेज दिया गया। नेपाल हरदोई वह आस-पास जनपदों से आए मरीज एंबुलेंस में ही काफी देर तक भर्ती होने का इंतजार करते रहे। उन्हें या तो वापस जाना पड़ा या फिर ट्रामा सेंटर में प्राथमिक इलाज कर दूसरा अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ओपीडी में भी अफरा-तफरी मच गई जूनियर डॉक्टर बैठे नहीं। वरिष्ठ डॉक्टरों ने किसी प्रकार मरीजों का इलाज किया। दोपहर 3:00 बजे तक आई सी सी यू में मरीजों की भर्ती नहीं के बराबर हो रही थी। वरिष्ठ डॉक्टर रेजिडेंट व जूनियर डॉक्टरों को समझाने में जुटे थे। जूनियर डॉक्टरों का कहना था उनकी सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। इस कारण आए दिन मार पीट होती रहती है और डॉक्टर पिटते रहे हैं। रेजिडेंट व जूनियर डॉक्टरों ने एकमत से कहा लारी को ट्रामा में शिफ्ट कर दो। यहां हमारी जान को खतरा है।
सुरक्षा गार्ड की मौके पर कुछ नहीं कर पाते। रेजिडेंट व जूनियर डॉक्टर अपने साथी के शीशे के मारने से चोटिल होने से ज्यादा आक्रोशित हैं। केजीएमयू प्रवक्ता डॉक्टर नरसिंह वर्मा ने बताया डॉक्टरों का काम पर वापस आने के लिए कह दिया गया है और काम शुरू भी हो गया है। मरीज गंभीर हालत में आया था और डॉक्टरों ने पूरा इलाज किया था कहीं कोई गलती नहीं है फिर भी उन्होंने मारपीट तोड़फोड़ की है उसके लिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
लारी कार्डियोलॉजी के वरिष्ठ डॉक्टर शरद चंद्रा का कहना है कि सभी काम और मरीज भर्ती हो रहे हैं कहीं कोई कार्य प्रभावित नहीं है यह अफवाह फैलाई जा रही है कि डॉक्टर अघोषित हड़ताल पर हैं।















