लखनऊ। वसूली पुलिस बन चुकी यूपी डायल 100 की निगरानी और उसे और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महानिदेकश सुलखान सिंह ने डायल 100 के मु यालय पर एक ऐलान किया है। उन्होंने जिलों के पुलिस कप्तानों को साफ तौर आदेश दिया के जिलों में डायल 100 की कमान उनके हाथों में होगी। अभी तक डायल 100 में तैनात पुलिस कर्मियों को लखनऊ मु यालय से ही निर्देशित किया जाता रहा है। जिसका नतीजा यह हुआ कि प्रदेश भर में यूपी डायल 100 की जमकर शिकायत आयी। यहां तक मु यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद ही इस पर खुलकर नाराजगी जताई थी।
अपराध एवं अपराधियों पर काबू पाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में यूपी 100 की सेवा शुरू की थी। इसका मकसद अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा था। लेकिन देखते ही देखते डायल 100 अपने रास्ते से भटक कर वसूली पुलिस बन गई। प्रदेश भर से लगातार इसकी शिकायतें आने लगी। नतीजा यह हुआ कि यूपी डायल 100 की निगरानी और प्रभावी बनाने के लिए सूबे के पुलिस मुखिया सुलखान सिंह को एक्शन में आना पड़ा। उन्होंने बुधवार को राजधानी के गोमतीनगर स्थित यूपी डायल 100 मु यालय से ऐलान किया कि अब डायल 100 की निगरानी जिलों के कप्तान खुद करेंगे।
जिलों के कप्तानों को निर्देशित करते हुए डीजीपी ने साफ तौर पर कहा कि डायल 100 की कोई भी शिकायत मिलती है तो वह सीधे तौर पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकते है। डीजीपी का कहना था कि प्रदेश भर से लगातार शिकायतें मिल रही है कि डायल 100 में तैनात पुलिस कर्मी ड्यूटी छोड़ सब कुछ करते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। अपराध नियंत्रण और लोगों की मदद के लिए उनकी तैनाती हुई है। जिसे हर हाल में करना होगा।
आईएसओ 9001 का मिला सर्टिफिकेट
वैसे तो यूपी डायल 100 को जिस मकसद के लिए बनाया गया था। उसमे डायल 100 काफी हद तक सफल भी हुई है। यही वजह है कि इतने बड़े प्रदेश में जिस तरह से यूपी डायल 100 काम कर रही है उसे देखे हुए उसे आईएसओ 9001 का सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। डीजीपी ने कहा प्रदेश की डायल 100 पुलिस विश्वस्तरीय तरीके से काम करती है। लोगों को तत्काल मदद मुहैया कराती है। यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धी है।
यूपी 100 हस्तपुस्तिका का विमोचन
पुलिस महानिदेशक ने यूपी डायल 100 मु यालय पर यूपी 100 हस्तपुस्तिका का भी विमोचन किया। जिसमे नागरिकों की सुरक्षा संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य यूपी 100 परियोजना के प्रशासनिक नियंत्रण, प्रभावी संचालन एवं पर्यवेक्षण के विभिन्न स्तरों के संबंध में स्पष्टïता तथा यूपी 100 एवं जनपदीय पुलिस अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित कर सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
डायल 100 मिलेंगे सात सौ पुलिस कर्मी
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर इलाहाबाद और नोएडा में डायल 100 के दो नए सेंटर बनावाने का अनुरोध किया है। इसके अलावा डायल 100 में पुलिस की कमी को पूरा करने के लिए जल्द ही सात सौ पुलिस कर्मियों को यूपी डायल 100 में तैनात किया जाएगा। इतना ही नहीं डीजीपी ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर किन्हीं कारणवश डायल 100 नंबर पर फोन न मिले तो वो 1073 पर फोन कर मदद ले सकते हैं।
इंडियन आयल ने यूपी 100 को दिया 50 लाख का चेक
इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पीआरवी को ईंधन आपूर्ति किये जाने के फलस्वरूप अर्जित किये गये के्रडिट प्वाइंट्स के भुगतान पर यूपी 100 को 50 लाख रूपये का चेक दिया। जबकि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से डायल 100 को 30 लाख रुपए का चेक दिया गया।
मोबाइल एप्स से मिलेगी जानकारी
यूपी डायल 100 की जानकारी व निगरानी के लिए अधिकारियों ने एक एप्स बनाया है। जिस पर थानावार डायल 100 की कार्यवाई का स पूर्ण विवरण उपलब्ध होगा। इस मोबाइल एप्स के माध्यम से अधिकारी कोई भी जानकारी हासिल कर सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं।
खनन की शिकायत पुलिस का काम नहीं
डीजीपी ने जहां यूपी डायल 100 की तारीफ में कसीदे पढ़़े। वहीं दूसरी तरफ उनका तेवर भी तल्ख था। उन्होंने साफ तौर पर यूपी डायल 100 के पुलिस कर्मचारियों को आदेश दिया है कि खनन की शिकायत उनका मामला नहीं होगा। वो अपराध नियंत्रण और आम जन मानस की मदद करेेंगे। कभी ऐसी कोई शिकायत मिलती है कि डायल 100 पुलिस कर्मी खनन के मामले में संलिप्त है तो उनके खिलाफ स त कार्रवाई की जाएगी।















