लखनऊ – किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जल्द ही आयुष मिशन द्वारा ओपीडी व पंचकर्म यूनिट की स्थापना की जायेगी। यह घोषणा सोमवार को आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने दी। हालांकि केजीएमयू में आयुष विभाग होने का दावा किया जाता है, लेकिन मरीजों को ज्यादा सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। आरोग्य भारती अवध प्रांत एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में धनवन्तरी जयंती राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस तथा नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के स्थापना दिवस के मौके पर केजीएमयू आये आयुष मंत्री ने कहा कि आयुष चिकित्सा बेहद ही लाभकारी है इसलिए जल्द ही केजीएमयू परिसर में भी आयुष यूनिट शुरू की जायेगी।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आयुष आैषधि का कोई दुष्प्रभाव मरीज पर नहीं पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आजकल की बदली जीवनशैली में आयुर्वेद को अपनाया जाए तो मानव शरीर को बीमार होने से रोका जा सकता है। इसमें खानपान से लेकर सोने-जागने से लेकर हर चीज में संयम रखना सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति अपनाकर आजीवन निरोगी रहना संभव है। इसके साथ ही उन्होंने आयुर्वेद से होने वाले अन्य लाभ भी बताए। इस मौके पर केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने आयुर्वेद चिकित्सा के बारे में जानकारी देते हुए इसके लाभ के बारे में बताया।
कुलपति ने कहा कि सामान्य एवं मौसमी बीमारियों में ऐलोपैथ का इलाज हानिकारक होता है, ऐसे मामलों में आयुर्वेदिक पद्धति से किया गया इलाज लाभदायक होता है। उन्होंने आयुष मंत्री धर्मसिंह सैनी से केजीएमयू परिसर में ओपीडी एवं पंचकर्म यूनिट की स्थापना किए जाने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए मंत्री ने दीपावली के बाद इससे संबंधित कार्यवाही को पूरा किए जाने की बात कही।
कार्यक्रम में आयुर्वेद के छात्र हर्ष तिवारी ने भगवान धनवन्तरी के बारे में संक्षिप्त वर्णन किया। इस अवसर पर राजवैद्य एसएस त्रिपाठी,आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा बीएन सिंह, एनएमओ के अवध प्रान्त के अध्यक्ष एवं हीमोटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा एकेत्रिपाठी, प्रान्तीय सचिव डा अभय नारायण तिवारी सहित छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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