लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय मई महीने के शुरुआत में दूसरा लिवर प्रत्यारोपण करने की तैयारी शुरू कर दी है। मरीज के चयन के बाद प्रत्यारोपण की सभी स्तर पर जांच शुरू कर दी गयी है। ऑपरेशन थियेटर से लेकर आईसीसीयू तक सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। केजीएमयू में 14 मार्च को हुआ पहला लिवर प्रत्यारोपण करने के बाद एतिहासिक सफलता पायी है। रायबरेली निवासी अमरेंद्र बहादुर सिंह को उनकी पत्नी सविता ने लिवर डोनेट किया था। प्रत्यारोपण के बाद अब मरीज व डोनर दोनों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बेहतर ही होती जा रही है। पहले लिवर प्रत्यारोपण के बाद टीम ने जल्द ही एक और लिवर प्रत्यारोपण का दावा किया था। प्रत्यारोपण करने वाली टीम ने मई के पहले सप्ताह में प्रत्यारोपण की तैयारी चल रही है। जिस मरीज के लिवर प्रत्यारोपण की तैयारी चल रही है, उसे भी उसका करीबी रिश्तेदार डोनेट करेगा।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट के विशेषज्ञों का मानना है कि लिवर प्रत्यारोपण में सभी स्तर पर जांच करके लिए मानीटर करना पड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि लिवर प्रत्यारोपण में मरीज और डोनर की मॉनीटरिंग करना भी बेहद जटिल काम है। शरीर में ब्लड की पैथालॉजिकल जांच के अलावा उसे संक्रमण से बचाना भी बड़ा महत्वपूर्ण काम है। मई के पहले सप्ताह में दूसरे मरीज का लिवर प्रत्यारोपण कर दिया जाएगा।
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