अस्थमा के मरीजों को यह बहुत पहुंचाता राहत

0
683

लखनऊ। अस्थमा के मरीज बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करना चाहिए। नाक और मुंह को अच्छी तरह से मास्क से ढक े रहने से कोरोना संक्रमण के अलावा प्रदूषण से भी बचाव होगा। अस्थमा के अटैक के खतरे को भी रोका जा सकता है। यह बात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सूर्यकांत ने कही।
डा. सूर्यकांत सोमवार को विश्व अस्थमा सप्ताह पर आयोजित यूपी चेप्टर ऑफ इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, इण्डियन कालेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एवं एप्लाइड इम्युनोलॉजी व आईएमए- एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेस्लिटीज (आईएमएस) के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय अस्थमा अपडेट को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण, खराब दिन चर्या और तनाव अस्थमा को बढ़ा रहे हैं।

फास्ट फूड भी बच्चों की स्वास्थ्य को गड़बड़ा रहा है। इससे बच्चों में अस्थमा बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर जाने पर मास्क के प्रयोग से अस्थमा की समस्या कम होती है

Advertisement

जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि देश में अस्थमा से होने वाली कुल मौतों में 43 प्रतिशत होती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण और धूम्रपान है। अस्थमा के मरीज बीमारी का जल्द से जल्द इलाज शुरू करें। इससे काफी हद तक बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि अस्थमा मरीज इन्हेलर का प्रयोग करने में घबराएं नहीं। इन्हेलर सीधे राहत पहुंचाती है, जबकि दवाएं कुछ देरी से असर करती हैं।

Previous articleरेडक्रास का एक ही मकसद…
Next articleमुंह से बदबू सिर्फ एक कारण नही,यह भी हो सकती हैं दिक्कत

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here