लखनऊ। न्यूयार्क में हुए एक शोध में पता साबित हो गया है कि कार्डियोवस्कुर रोग से पीड़ित पुरुषों में सेक्स के बाद या उसी दौरान हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा होता है। यह अचानक कार्डियक अरेस्ट में हार्ट अचानक धड़कना बंद कर देता है आैर ऐसा बिना किसी पूर्व लक्षण के होता है। शोध में पता चला है कि हालंाकि इस प्रकार की घटनाएं काफी दुर्लभ है, लेकिन कार्डियोवस्कुर की बीमारी से पीड़ित के इसके चपेट में आने की संभावना रहती है।
शोध में पाया गया है कि ऐसे स्थिति में सहयोगी अपने सा्थी को तुरंत सीपीआर नहीं दे पाता है। सीपीआर देने से ज्यादा जान बचायी जा सकती है। शोध में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि सेक्स के दौरान हार्ट अटैक होने पर साथी द्वारा सीपीआर देने की महज एक तिहाई मामलों में जानकारी सामने आयी है। यह शोध जर्नल आफ अमेरिकन कालेज आफ कार्डियोंलॉजी में प्रकाशित हो चुका है। शोध कर्ताओं का मानना है कि एससीए के कुछ मामलों में यौन गतिविधियों के बाद कोई दवाई, उत्तेजक पदार्थ या अल्कोहल के प्रयोग की भूमिका हो सकती है। शोध में माना गया है कि लोगों को सीपीआर ( फुफुसीय पुर्नजीवन) का प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता है।















