लखनऊ। वर्तमान में 55.3 मिलियन से अधिक लोग अलग- अलग प्रकार की गंभीरता वाले सीओपीडी से पीड़ित है। अगर आंकड़ों को देखा जाए तो पिछले दशक में यह बीमारी 24 प्रतिशत तक बढ़ गयी है। इस बीमारी के इलाज में सिंगल इन्हेंलर ट्रिपल थेरेपी एआईआरजेड -एफएफ कारगर मानी जा रही है।
सीओपीडी बीमारी पर सुजेश वासुदेवन का कहना है कि अगर देखा जाए तो 35 प्रतिशत यह बीमारी तम्बाकू धूम्रपान जिम्मेदार है,लेकिन यह बीमारी उन लोगों में भी देखी गयी, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया है। प्रदूषण, श्वसन नली में संक्रमण व खराब रहन-सहन की स्थिति इसकी जिम्मेदार है। सिंगल इन्हेंलर ट्रिपल थेरेपी एआईआरजेड -एफएफ गंभीर मरीजों पर ज्यादाअसरकारक पायी गयी है।
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