लखनऊ। केजीएमयू में सीपीएमएस सिस्टम लगाने के नाम पर साफ्टवेयर में दो करोड़ रुपयें की धांधली करने वाले दोनों डाक्टर भाईयों के खिलाफ कार्यपरिषद सख्त निर्णय ले सकती है। इनमें एक डाक्टर के नाम लैपटॉप खरीद में भी गड़बड़ी करने का आरोप है। इस पर जांच करायी जा चुकी है, पिछली कार्यपरिषद में हंगामा के बाद अगली कार्यपरिषद की बैठक में लैपटॉप में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट पर निर्णय लेना तय किया गया है। बताया जाता है कि ऐसा निर्णय लिये जाने की कोशिश है कि जोकि नियमानुसार दायर में आ सके।
बताते चले कि केजीएमयू ने वर्ष 2009 में सेट्रल पेंशेंट मैनेजमेंट सिस्टम शुरु करके 2014 में केजीएमयू को ऑनलाइन करने का प्रोजेक्ट शुरु किया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने अपनी कम्पनी व अपने पार्टनर के द्वारा बनायी गयी साफ्टवेयर कम्पनी में दो करोड़ रुपये की खपत दिखा दी। इस गड़बड़ी की आडिट रिपोर्ट ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की थी। इसके बाद अगस्त 2017 में जांच कमेटी बनायी गयी। इस कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट केजीएमयू कु लपति को सौंप दी है। बताते चले कि केजीएमयू प्रशासन लैपटॉप खरीद में गड़बड़ी की रिपोर्ट पर निर्णय लेने से पहले साफ्टवेयर धांधली की रिपोर्ट देखना चाहते है।
बताया जाता है कि इन्ही दोनों रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू कार्यपरिषद में दो डाक्टर भाईयों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। उधर बताया जाता है कि एक पक्ष दोनों डाक्टरों का मामला राजभवन भेजे जाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा केजीएमयू प्रशासन चाह












