लखनऊ. बहराइच के घने जंगलों में बंदरों के साथ रहने वाली मोगली गर्ल उर्फ़ एहसास अब इमरती व समोसे का स्वाद चखने लगी है. वह बड़े चाव से इमरती खाती है और साथ में समोसा भी खाती है, अब वह स्वाद का अनुभव लेने लगी समोसा खाने पर अगर कड़वा लगता है तो इमरती को खाती है. हां उसे खाने का तरीका भी सीख लिया है. फिलहाल उसका दिल इलाज भी चल रहा है. डॉक्टर उसे स्वाद बदलने के लिए बीच-बीच में कुछ अलग Dish देते हैं और उसे व्यंजनों का अनुभव कर आते हैं. निर्वाण शेल्टर होम के प्रबंधक SS ढपोला ने बताया अब वह कुछ कुछ शब्दों का चयन हुई आवश्यकतानुसार करने लगी है. जैसे खाना गर्मी का एहसास आदि हां उसे कोल्ड ड्रिंक बहुत पसंद है जब वह उसे पीना चाहती है तो पानी में हाथ डालकर बताती है वह दो सब समझ जाते हैं वह कोल्ड ड्रिंक मांग रही है. कोल्ड ड्रिंक मिलने पर वह बहुत खुश भी हो जाती है.
उनका कहना है की उसके बाद पेट में कीड़े ज्यादा संख्या में होने के कारण अल्सर बन गया था. उसको डाइट डॉक्टर के अनुसार यह दी जा रही है. उनका मानना है अगर समय पर कीड़े मारने की दवा व पेट का अल्ट्रासाउंड कराया गया होता तो उसे पेट की दिक्कत ना होती. फिलहाल वह स्वस्थ है और सामाजिक नियमों को समझने की कोशिश कर रही है और सफल हो रही है लगभग छह-सात महीने में किसी हद तक सामान्य व्यक्ति की तरह वह अपनी आदतों में आ जाएगी. बताते चलें की मोगली गर्ल को बहराइच के जंगलों में जनवरी माह में पकड़ा गया था उसके बाद उसका इलाज बहराइच क्या है जिला अस्पताल में किया गया रहा था शेल्टर होम ना होने के कारण उसे लखनऊ के नवाब हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां वह इस समय समाजिक प्रवेश बनाने के नियम सीख रही है.