IMA: विशेषज्ञों ने विभिन्न डिजीज की दी क्लीनिकल अपडेट

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*विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आईएमए लखनऊ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स एवं सीएमई

 

 

लखनऊ।  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), लखनऊ द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आईएमए भवन, लखनऊ में राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स एवं सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

 

 

 

 

 

 

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कार्यक्रम में आईएमए उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं  शल्य चिकित्सक डॉ. राजीव गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस अवसर पर आईएमए उत्तर प्रदेश के आगामी सत्र के अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. रविश अग्रवाल तथा आईएमए यूपी स्टेट, जोन-3 के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. त्रिपाठी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने कहा कि इस रिफ्रेशर कोर्स एवं सीएमई का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवीनतम प्रगति से अवगत कराना तथा विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में सतत अधिगम को बढ़ावा देना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

वैज्ञानिक सत्रों का संचालन वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. संजय श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि समन्वय की जिम्मेदारी वैज्ञानिक सचिव डॉ. अर्चिका गुप्ता ने निभाई। आईएमए लखनऊ की मानद सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम  संचालन एवं संयोजन किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में डॉ. निरुपमा पाण्डेय, डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. अरुण पाण्डेय, डॉ. शाश्वत सक्सेना, डॉ. अभिनव श्रीवास्तव, डॉ. अर्चिका गुप्ता, डॉ. आर.बी. सिंह, डॉ. नीरज टंडन, डॉ. शशांक निगम, डॉ. दीपक दीवान, डॉ. अचल गुप्ता, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. संजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. नईम अहमद शेख, डॉ. के.पी. चंद्रा, डॉ. राहुल यादव, डॉ. विजयंत सिंह, डॉ. अजय तिवारी, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. प्रांजल अग्रवाल, डॉ. तन्वी पालिवाल, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. अमलांशु रमण, डॉ. श्वेता श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष शर्मा तथा डॉ. पूजा गुप्ता शामिल रहे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सत्रों में किशोरियों एवं महिलाओं में मासिक धर्म स्वच्छता और पोषण, पुरुष बांझपन प्रबंधन, कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम, अवसाद से जुड़े मिथक, कैंसरजनित दर्द का प्रबंधन, न्यूरोलॉजी एवं लो बैक पेन, बच्चों में पेट दर्द, चिकित्सा शिक्षा की प्रगति, सिर एवं गर्दन के कैंसर का प्रबंधन, सीकेडी की पहचान एवं स्टेजिंग तथा आरआरटी की विधियां, स्पाइन सर्जरी में प्रगति, जॉइंट रिप्लेसमेंट, मिस्ड इंजरीज़, चिकित्सा अभ्यास में सॉफ्ट स्किल्स, पल्मोनरी एवं टीबी अपडेट्स, पल्मोनरी इनसाइट्स, पर्वतारोहण का चिकित्सीय दृष्टिकोण, मधुमेह में ओरल सेमाग्लूटाइड, यूरोलॉजी में रोबोटिक्स, कार्डियक सर्जरी में प्रगति, मधुमेह प्रबंधन, विटामिन-डी सप्लीमेंटेशन, बर्न्स एवं एलोपेसिया, डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए समग्र बीमा योजना, बचपन में मायोपिया, डायबिटिक रेटिनोपैथी, सूचित सहमति, प्रसवोत्तर रक्तस्राव प्रबंधन, फैमिली मेडिसिन टीम कॉन्सेप्ट तथा बढ़ती प्रजनन संबंधी समस्याएं जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

 

 

 

कार्यक्रम में डॉ. शितांशु, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. शास्वत सक्सेना, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अमित मदान, डॉ. नईम, डॉ. अमित अग्रवाल तथा डॉ. तन्वी पालिवाल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राजीव गोयल ने स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य, आधुनिक तकनीकों की भूमिका तथा चिकित्सा समुदाय और जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने में आईएमए के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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