लखनऊ। आईआईएम रोड स्थित न्यू हेरिटेज हॉस्पिटल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम ने सोमवार को अचानक छापा मारा। छापे के दौरान टीम को अस्पताल में काफी गड़बड़ियां मिली, जो कि मरीज हित में नहीं थी।
टीम को आईसीयू में दो मरीज भर्ती तो मिले, लेकिन इनके इलाज व तत्काल देखभाल के लिए कोई भी डॉक्टर व प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ नहीं तैनात नही था। डॉक्टर के मोबाइल नम्बर पर अधिकारियों ने बात की तो पता चला डॉक्टर लंच पर हैं। मरीज के इलाज के प्रति लापरवाही व अन्य गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए टीम के अधिकारियों ने हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। इसके साथ ही तत्काल प्रभाव से हॉस्पिटल का संचालन पर भी रोक लगा दी है।
मरीज के इलाज में लापरवाही की शिकायत मिलने पर सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने हास्पिटल का आैचक निरीक्षण कराने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह की निगरानी में टीम भेजी। हॉस्पिटल में जब टीम पहुंची तो वहां पर कार्यप्रणाली देख कर हैरान रह गए। अस्पताल में मरीजों के लिए कोई भी डॉक्टर नहीं था। कर्मचारियों ने पूछताछ में लतीफ नाम के व्यक्ति को खुद को डॉक्टर बताया। टीम ने इससे मरीजों के इलाज सम्बधी जानकारी मांगी। वह कुछ नहीं बता सका। इसके अलावा महिला कर्मचारी ममता मिली। उसने खुद को नर्सिंग स्टाफ बताया। अधिकारियों ने पूछताछ में पाया कि वह प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है।
जांच टीम के अनुसार हॉस्पिटल पंजीकरण में डॉ. अजय यादव का नाम दर्ज है। टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. एपी सिंह ने डॉ. अजय को फोन किया। तो उन्होंने बताया कि वह लंच पर हैं। डॉ. एपी सिंह ने बताया कि अस्पताल के आईसीयू में दो मरीज को ऑक्सीजन लगाई गई। उनके मॉनीटर पर लगा था। पर मरीज की निगरानी करने वाला आईसीयू में कोई प्रशिक्षित स्टाफ व डॉक्टर नहीं थे।
डॉ. एपी सिंह ने बताया कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को 48 घंटे में डिस्चार्ज कर दें। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को डिस्चार्ज नहीं किया जा सकता है। उन्हें बीकेटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जेपी सिंह से संपर्क कर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराया जाए। छापेमारी में हॉस्पिटल में चार मरीज भर्ती थे। साफ-सफाई व्यवस्था का आलम यह था कि जगह-जगह गंदगी बिखरी थी। वार्ड भी काफी गंदे थे। आईसीयू की हालात भी मानक के अनुसार नहीं थी। जांच टीम ने इस पर नाराजगी जतायी। गंदगी की वजह से मरीजों में संक्रमण का खतरा है। इन सब के आधार पर तत्काल जांच टीम ने हास्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर बंद करा दिया।












