हिन्दी भाषा डाक्टर और मरीज के बीच संवाद स्थापित करने में बेहतर

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पुनर्भवम एवं मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा गैलरी 2024 कार्यशाला

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स की दो दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को पुनर्भवम एवं मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा गैलरी 2024″ का उद्घाटन केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने किया। कार्यशाला में डाक्टरों को मानद उपाधि भी प्रदान की गयी।

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इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य चिकित्सकीय क्षेत्र में हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देना था, जिससे चिकित्सक और मरीज के बीच आम बोलचाल की भाषा में संवाद स्थापित कर सकें। कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. एम.एल.बी. भट्ट एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अंशुमान कुमार थे।
कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स की ओर से डॉ. शादाब मोहम्मद, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान डॉ. अजय राय चौधरी, केजीएमयू के ट्रामा सर्जरी विभाग प्रमुख डॉ. संदीप तिवारी एवं डॉ. नरेश शर्मा, प्रो. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी को मानद फेलोशिप प्रदान की गयी। इस अवसर पर डॉ विभा सिंह द्वारा हिंदी में लिखित ओरल सर्जरी की एक विशेष पाठ्यपुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यशाला में नये डाक्टरों को कैडवरिक डायसेक्शन करवाया गया, जिसमें डॉक्टरों को एयरवे मैनेजमेंट, विभिन्न फेशियल इन्सिज़न और इलियक क्रेस्ट हार्वेस्टिंग की विधियों की जानकारी दी गयी। इस सत्र का नेतृत्व डॉ. यू.एस. पॉल ने मुंह के कैंसर को कैसे पहचान कर डायग्नोज करें। इसकी जानकारी दी।इसके अलावा डॉ. अभिषेक बहादुर सिंह, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. अमिय अग्रवाल एवं डॉ. अरुणेश तिवारी ने भी विभिन्न क्लीनिकल विषयों पर जानकारी दी। दंत संकाय के अधिष्ठाता डॉ. रंजीत पाटिल, डॉ. आर. प्रधान, डॉ आर. के. सिंह, डॉ. गीता सिंह आदि इस कार्यशाला में उपस्थित ओथे।

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