लखनऊ। अब हीमोफीलिया मरीजों को सर्जरी के लिए परेशान नही होना होगा। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हेमेटोलॉजी विभाग के डा. एके त्रिपाठी उनके लिए संकट मोचन बनकर खड़े हो गया है। आपरेशन के वक्त उनके ब्लड का रिसाव होने पर फ ैक्टर कैसे मिलेगा, पर अब डा. त्रिपाठी जरूरतमंद मरीजों की सर्जरी के वक्त ब्लड फैक्टर भी उपलब्ध कराने में मदद करते है,ताकि उन्हें कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। अब तक 19 मरीजों की सर्जरी करा चुके है। इसके अलावा हेमेटोलॉजी विभाग में क्रम्पेसिव केयर सेंटर में मरीजों को बेहतर जीवन जीने के लिए आत्मविश्वास पैदा कर रहा है।
डा. त्रिपाठी बताते है कि हीमोफीलिया के मरीज किसी भी प्रकार का सर्जरी कराने से डरता है। कहीं सर्जरी के वक्त अचानक ब्लड का रिसाव ज्यादा हो गया तो ऐन मौके पर दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। डाक्टर भी आपरेशन करने से कतराता था , लेकिन केजीएमयू के हेमेटोलॉजी विभाग के डा. एके त्रिपाठी ने अब मरीजों के लिए सर्जरी कराना आसान कर दिया है। उन्होंने हीमोफीलिया के मरीजों को आपरेशन कराने की पहल शुरू कर दी है।
विभाग इन मरीजों के सर्जरी करने वाले विभाग के डाक्टरों से सम्पर्क करके आवश्यकता अनुसार फैक्टर की उपलब्धता को देखता है, उसके बाद उस मरीज की सर्जरी करा दी जाती है,आपरेशन के वक्त ब्लड के रिसाव के वक्त फैक्टर तत्काल चढ़ा दिया जाता है। डा. त्रिपाठी बताते है कि अपेडिक्स, आंख, गॉलब्लैडर सहित अन्य महत्वपूर्ण अंगों की सर्जरी भी की जा चुकी है। यहां तक कैंसर के मरीजों का इलाज भी आसान हो गया है। इसके अलावा क्राम्प्रेसिव केयर सेंटर में लगातार हीमोफीलिया के मरीजों को जागरूक करके लिए गेम्स आदि कराये जाते है।