*हार्ट अटैक के मरीजों को मिल रही नई जिंदगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सदन में दी जानकारी
लखनऊ। यूपी में हार्ट अटैक के मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में स्टेमी प्रोग्राम शुरू किया गया है। यह जानकारी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी।
वह सोमवार को विधानसभा में विपक्ष के सवालों के जवाब दे रहे थे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की सीएचसी को स्टेमी प्रोग्राम के तहत मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा गया है। स्पोक हब मॉडल के तहत 57 मेडिकल कॉलेज चिन्हित हैं। इनमें ह्दय रोग विशेषज्ञों का एक वॉट्सग्रुप बनाया गया है। सीएचसी में जैसी ही मरीज सीने में दर्द की परेशानी लेकर आते हैं। मरीज का तुरंत ईसीजी कराया जाताा है। उसकी रिपोर्ट वॉट्सएप ग्रुप पर शेयर कर दी जाती है। विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर इलाज शुरू कर दिया जाता है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि अब तक 1685 स्टेमी मरीज चिन्हित किए गए। इनमें 958 मरीज को खून का थक्का घोलने का इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन करीब 40 हजार रुपये का है। इंजेक्शन लगने के बाद मरीज छह से आठ घंटे तक सुरक्षित हो जाता है। उसके बाद मरीज को निकट के मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है। जहां एंजियोग्राफी आदि प्रक्रिया की जाती है।
आशा वर्कर का मानदेय दोगुना किया गया है। सपा सरकार उन्हें साढ़े सात सौ रुपये दे रही थी। भाजपा सरकार ने 1500 कर दिया है। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। आशा हमारे विभाग की रीढ़ हैं। हम उनका सम्मान करते हैं। सपा ने कभी आशा के बारे में नहीं सोचा। हमेशा जुगाड़ में लगे रहते हैं। अब सपा को सफलता नहीं मिलने वाली है। यह केवल मुंगेरी लाल के हंसीन सपने देखते हैं।












