*जल्द ही राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में लगेंगे 50 हेल्थ मॉनीटर*
*रिमोट मॉनीटरिंग डैश बोर्ड से 24 घंटे मरीजों की हो रही निगरानी*
लखनऊ । प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार गांवों, छोटे कस्बों और महानगरीय क्षेत्रों में “हेल्थ एटीएम” लगवा रही है वहीं, यूपी के गैर सरकारी अस्पताल ने भी योगी सरकार की इस मुहिम में अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। राजधानी लखनऊ का एरा मेडिकल कॉलेज सीएम योगी की अपील के बाद मदद को आगे आया है। गांवों और कस्बों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें इसके लिए जल्द ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में अस्पताल की ओर से आधुनिक मॉनीटर लगाए जाएंगे। एराज मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रधानाचार्य, संकायाध्यक्ष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो डॉ एमएम ए फरीदी ने बताया कि पहले चरण में लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में 50 और दूसरे चरण में 100 आधुनिक मॉनीटर लगाए जाएंगे।

कोरोना के नए वैरिएंट को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर इन आधुनिक मॉनीटर को लगाया जाएगा। इन मॉनीटर में लोग ऑक्सीजन, ब्लड प्रेशर, शुगर, पल्स की जांच कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस मॉनीटर का पूरा डाटा अस्पताल के रिमोट मॉनटरिंग डैश बोर्ड कोविड (डिजी डॉक्टर) पर दर्ज होगा। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति की तबियत बिगड़ती है तो तत्काल अस्पताल की ओर से एंबुलेस भेज उसको प्राथमिकता पर अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। एडिशल डायरेक्टर जॉ अली खान ने बताया कि कम समय में प्रदेश को चिकित्सीय सुविधाओं से योगी सरकार ने लैस किया है। हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे सीएम योगी के इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में अस्पताल भी अपना योगदान दे रहा है।
*रिमोट मॉनीटरिंग डैश बोर्ड से 24 घंटे मरीजों की हो रही निगरानी*
कोरोना की पहली व दूसरी लहर में मरीजों की निगरानी डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौति थी पर यूपी के सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों जैसे आरएमएल, पीजीआई और एरा कोविड डैश बोर्ड से 24 घंटे आईसीयू के मरीजों की निगरानी की गई। डॉ फरीदी ने बताया कि डिजिटल डैश बोर्ड से गंभीर मरीजों का वर्गीकरण, डाटा ट्रेकिंग की जा सकती है। प्रदेश सरकार के प्रोत्साहन से अस्पताल की ओर से केन्द्र व प्रदेश सरकार के दो अस्पतालों में कोविड डैश बोर्ड स्थापना की।
*तीसरी लहर के लिए तैयार*
कोविड की तीसरी लहर के लिए योगी सरकार पूर्णतः समर्पित है और सभी तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्रदेश सरकार के प्रोत्साहन से आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों को भी डिजीटल डेश बोर्ड से जोड़ा जा सकता है। कोविड मरीज़ो का होम आइसोलेशन में सम्पूर्ण देखभाल और मोनीटिरिंग की तैयारी भी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि आधुनिक यंत्रों से एरा अस्पताल में कोविड मरीज़ो के इलाज में बहुत मदद मिली। इलैक्ट्रानिक स्टेथेस्कोप, मोबाइल बेस्ड वीडियो लेरिंगोस्कोप जैसे यंत्रो सेकोविड वार्ड से दूर कंट्रोल रूम में बैठ कर मरीज़ के हृदय और फेफड़ों की जांच की जा सकती है।












