लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में महिला मरीज व तीमारदारों सुरक्षा व्यवस्था ताक पर है। बीतीरात की घटना के बाद महिला तीमारदार दहशत में है। कल मेनगेट ने नजदीक फुटपाथ पर सो रही मंिहला मरीज के नजदीक नशेड़ी युवक द्वारा बलात्कार का प्रयास व्यवस्था की पोल खोलता है। इससे पहले भी शताब्दी अस्पताल में सुरक्षा गार्ड ही महिला तीमारदार के साथ बलात्कार कर चुका है। इस घटना में तो लापरवाह केजीएमयू प्रशासन ने अभी तक कम्पनी को ब्लैक लिस्ट ही नहीं किया है।
केजीएमयू में मेनगेट से चंद कदमों की दूरी पर न्यंू डेंटल बिल्डिग के पास मरीजों व तीमारदार पार्क में लेटे बैठे रहते है। इनसे चंद कदमों की दूरी पर सुरक्षा गार्ड सुरक्षा करने का दावा करते रहते है। बीतीरात भी नशे की हालत में एक व्यक्ति ने महिला तीमारदार के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया। उसके जग जाने व शोर मचाने के कारण नशेड़ी पकड़ा गया। अगर केजीएमयू के सुरक्षा व्यवस्था को देखा जाए तो रात में सुरक्षा गार्डो का एक दल अपने – अपने क्षेत्र में आने वाले रैन बसेरा व वार्डो का निरीक्षण करके बाहरी व्यक्ति या संदिग्ध व्यक्ति को निकाल देते है।
ट्रामा सेंटर में तो सुरक्षागार्डो पर सोने का शुल्क लेने का आरोप तक लग चुका है। चोरी का आरोप तक लग चुका है। यही नहीं शताब्दी अस्पताल में एक जून को महिला तीमारदार के साथ तीन सुरक्षा गार्डो ने गैंग रैप तक कर दिया था। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए हटाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद भी केजीएमयू प्रशासन के लापरवाह अधिकारियों ने निर्णय को तोड़ते हुए सुरक्षागार्डो को हटाने का दावा किया, जब कि केजीएमयू के आंतरिक क्षेत्रों में कर्मियों को हटाया नहीं गया आैर उनकी वर्दी से एजेंसी के नाम लेबल हटा दिया गया।
इसी प्रकार प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भी एक महिला मरीज के साथ कैंटीन संचालक ने बलात्कार किया था, खुलासा होने पर केजीएमयू प्रशासन ने मामले में लीपापोती करते हुए कैंटीन को ही हटा दिया था।















