लखनऊ। बृहस्पतिवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय कुलपति व पीजीआई के निदेशक की बैठक ट्रामा सेंटर- टू के हैडओवर करने की रणनीति तय करेगें। केजीएमयू मरीजों के भर्ती होने के कारण हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने तक चलाने के लिए मजबूर है।
बताते चले कि ट्रामा सेंटर टू में लगभग दस दिन से एसी का संचालन बंद है। अभी तक राजकीय निर्माण निगम एसी का संचालन कर रहा था। अब उसका कहना है कि अब एसी सयंत्र का संचालन उसे नहीं करना है। उसके पास संचालन का करने का बजट नहीं मिलता है। केजीएमयू प्रशासन के अनुरोध पर संचालन किया गया है। उधर ट्रामा सेंटर टू के प्रभारी डा. संदीप तिवारी का कहना है कि एसी सयंत्र का हैडओवर करने से पहले कई कार्य पूरा करने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने कहा था। इसके बाद काम पूरा होने का दावा करने पर केजीएमयू कुलसचिव ने कुछ जानकारी फिर मांगी थी लेकिन निर्माण निगम ने उसकी जानकारी दिये बगैर एसी संचालन करने से मना कर दिया।
उधर राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियर इफ्तिखार ने बताया कि कई बार केजीएमयू प्रशासन को हैंड ओवर करने के लिए पत्र लिखा गया। संचालन के लिए बजट नही है। इसके बाद भी मरीजों के हित में एसी संचालन किया गया। अब हैंडओवर ही किया जाएगा। उधर एसी न चलने से ट्रामा सेंटर में भर्ती लगभग 15मरीजों का बुरा हाल है। इमजेंसी में अगर कोई गंभीर मरीज आता है तो उसका आपरेशन माड¬ूलर ओटी में पंखा लगाकर कर दिया जाता है। अब इस समस्या से निकलने के लिए बृहस्पतिवार को केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट व पीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर एक मीटिंग करके ट्रामा टू सेंटर के आगे की रणनीति तय करेंगे। इसमें प्रमुख रूप से हैंडओवर होने तक संचालन पर चर्चा विशेष रुप से होगी।















