डेंटल इम्प्लांट में गाइडेड सर्जरी बेहतर: डा .कमलेश्वर

0
113

लखनऊ। अब नकली दांतों को लगाने के लिए सर्जरी करने की आवश्यकता नहीं होगी। सीबीसीटी स्कैन तकनीक से इम्प्लांट लगाने की सटीक स्थान की पहचान की जा सकेगी। इससे सटीक इम्प्लांट व नकली दांत प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। क्लीनिकल सांइस में इस तकनीक को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी कहते हैं।

Advertisement

यह जानकारी प्रदेश डेंटल काउंसिल के उपाध्यक्ष व केजीएमयू दंत संकाय में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के डॉ. कमलेश्वर सिंह ने गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी पर कार्यशाला में दी। डॉ. कमलेश्वर सिंह ने कहा कि अब नकली दांत लगाना और आसान हो गया है। इम्प्लांट लगाने से पहले कम्प्यूटर आधारित सीबीसीटी स्कैन कराना अधिक फायदेमंद होता है। इससे इम्प्लांट लगाने के स्थान को देखा जाता है।

इम्प्लांट लगाने के सही स्थान की पहचान की जा सकती। नर्व व साइनस कितनी दूर रहेगा? इसके अलावा मसूढ़े की हड्डी की मोटाई और लंबाई की भी देखी जा सकेगी। इससे इम्प्लांट सटीक स्थान पर प्रत्यारोपित करने में मदद मिल सकती है। प्रत्यारोपण के बाद मरीज को दर्द कम होता है। सूजन व नसों को चोट कम पहुंचती है। चीरा लगाकर मसूढ़े की हड्डी देखने की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे मरीज को बार-बार अस्पताल तक दौड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सीबीसीटी और डिजिटल इंप्रेशन का इस्तेमाल करके सावधानी से डायग्नोसिस से शुरू होता है।

Previous articleराजधानी में बनेगा, उत्तर प्रदेश पीसीएस भवन
Next articlekgmu: लव जिहाद – विशाखा कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, रेजिडेंट डॉक्टर दोषी साबित!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here