Good news Kgmu:ब्रा में लगी यह डिवाइस देगी गांठ में कैंसर की डिटेल, जानिए कैसे

0
184

Advertisement

लखनऊ। अब ब्रेस्ट कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में जानकारी लगना आसान होगा। गांठ की संभावना पता लगाने के लिए बड़ी जांच कराने की भी आवश्यकता नहीं होगी। यदि स्तन में कोई गांठ बनाना शुरू हो रही है? गांठ कब से बन रही है? उसकी टाइप ऑफ़ नेचर क्या है? इसकी भी जानकारी की जा सकेंगी। यह जानकारी एक विशेष प्रकार की डिवाइस से की जा सकेगी। महिलाएं इस डिवाइस को अंडरगारमेंट के साथ पहनना होगा । डिवाइस मोबाइल ऐप से कनेक्टिंग होगा।

यह डिवाइस अपना काम करके कुछ ही समय में गांठ की सभी रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर दे देगी। विशेषज्ञ डॉक्टर की परामर्श पर आगे का लाइन का ट्रीटमेंट करने में आसानी होगी। यह डिवाइस का पेटेंट हो गया है।

केजीएमयू और कानपुर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का संयुक्त बायोडिजाइन कार्यक्रम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन-सिनर्जाइजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एसआईबी शाइन) प्रोग्राम चल रहा है। इसके तहत केजीएमयू के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग की डॉ. पूजा रमाकांत के निर्देशन में फेलो छात्रा श्रेया नायर ने खास डिवाइस तैयार करने में सफलता प्राप्त की है। श्रेया ने माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई की है।

चिकित्सक, वैज्ञानिक और इंजीनियर एक साथ कार्य करने का एक नया आयाम है। लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख व एसआईबी साइन के कार्यकारी निदेशक डॉ. ऋषि सेठी ने बताया कि ए वायरेबल सेंसर पैच फॉर ब्रेस्ट एब्नॉर्मलटी मॉनीटरिंग शीर्षक से पेटेंट प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर उन महिलाओं को होने का खतरा अधिक रहता है जिनका परिवारिक इतिहास रहा है। ऐसी महिलाओं में समय पर स्तन में पनप रही गांठ का पता लगाना आवश्यक होता है। ऐसी महिलाएं आशंका होने पर डिवाइस का इस्तेमाल कर सकती हैं।

Previous articleपत्रकार पेंशन और सुरक्षा कानून को लागू कराने का राजेश्वर सिंह ने दिया आश्वासन
Next articleराजधानी में बनेगा, उत्तर प्रदेश पीसीएस भवन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here