लखनऊ। तत्कालीन सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। खनन घोटाले के बाद अब उन पर गैंगरेप का भी आरोप लगभग तय हो चुका है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में मंत्री गायत्री प्रजापति, विकास वर्मा, पिंटू समेत सात लोगों को दोषी बनाया गया है। एसआईटी ने मामले की जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट भेज दी है।
महिला व उसकी बेटी से गैंगरेप के मामले में फंसे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, विकास वर्मा, अमरेंदर सिंह उर्फ पिंटू समेत सात लोगों के खिलाफ चल रही एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। एसआईटी का नेतृत्व कर रहे सीओ चैक ने मामले की जांच पूरी करते हुए उक्त सभी को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
छह अन्य लोगों पर भी आरोप
सीओ चैक राधे श्याम राय ने बताया कि कॉल डिटेल, मेडिकल जांच, पीड़िता के कलमबंद बयान और आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के करीबी की गवाही के आधार पर उक्त आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की गई है। गौरतलब हो कि चित्रकूट की रहने वाली महिला ने गत 18 फरवरी को पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति, विकास वर्मा, पिंटू समेत सात लोगों के खिलाफ गौतमपल्ली थाने पर गैंगरेप व बेटी से अश्लील हरकतों के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दर्ज की थी। बाद में पुलिस ने इस मामले में गायत्री के साथियों को गिर तार कर 15 मार्च को गायत्री प्र्रजापति को भी दबोच लिया। उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
सीओ पर गायत्री को बचाने का आरोप
सूत्रों की माने तो गायत्री प्रजापति पर गैंगरेप व पाक्सो एक्ट की जांच कर रही तत्कालीन सीओ अमिता सिंह पर गायत्री की जांच में काफी गलतियां की हैं। यही वजह थी कि सीओ ने गायत्री प्रजापति को बचाने का हर संभव प्रयास किया। यहां तक कि केस डायरी को बिना जांच किए ही गायत्री के पक्ष में लिख दी।
एएसपी उत्तरी की जांच में फंसी सीओ अमिता सिंह
सीओ अमिता ङ्क्षसह पर गायत्री को बचाने का आरोप लगा तो उनसे मामले की जांच ले ली गई। बाद में एसएसपी दीपक कुमार ने सीओ अमिता ङ्क्षसह की जांच के एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स को सौंप दी। एएसपी अनुराग वत्स की जांच में सीओ अमिता दोषी पाई गई। जांच में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि सीओ अमिता सिंह जांच के दौरान घटना स्थल तक नहीं गई। इतना ही नहीं सीओ अमिता ङ्क्षसह से जांच छीन कर सीओ हजरतगंज अवनीश मिश्रा को सौंपी गई थी। लेकिन उनकी भी लापरवाही एएसपी की जांच रिपोर्ट में सामने आई है। दोनों सीओ के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई के लिए एसएसपी दीपक कुमार ने आईजी जोन को रिपोर्ट भेज दी है।















