लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान प्रदेश का एडंवास न्यूरो साइंसेज सेंटर बनने जा रहा है। यहां पर हेड इंजरी व ट्यूमर के मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज व सर्जरी मुहैया हो सकेगी। 90 बिस्तरों से सेंटर की शुरुआत होगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को संस्थान की जनरल बॉडी की बैठक में लिया गया। यह प्रदेश का पहला सेंटर होगा, जिसमें गामा नाइफ उपकरण लगेगा। इस उपकरण से बिना सर्जरी के ट्यूमर की सर्जरी की जा सकती है।
जनरल बॉडी की 32 वीं बैठक मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थान के उपाध्यक्ष प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे और संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि एडंवास न्यूरो साइंसेज सेंटर परिसर स्थित चार मंजिला भवन में स्थापित किया जाएगा। सेंटर में प्रथम चरण में 90 बिस्तरों पर इलाज किया जाएगा। यहां पर तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। हेड इंजरी के मरीजों को सर्जरी व अन्य इलाज एक छत के नीचे इलाज मिलेगा। सेंटर में ही सिर में ट्यूमर के मरीजों का भी इमरजेंसी में इलाज किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भूतल, प्रथम व द्वितीय तल पर अलग स्तर पर इलाज की व्यवस्था होगी।
बैठक में एक आैर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए गामा नाइफ की खरीद को भी अनुमति मिल गई है। न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. डीके सिंह का दावा है कि लगभग 35 से 40 करोड़ रुपये की लागत से गामा नाइफ मशीन खरीदने का प्रस्ताव है। इसमें बिना चीरा लगाए गामा किरणों से ट्यूमर को जलाया जाता है। इसकी खास बात यह है कि ट्यूमर के आस-पास की सामान्य कोशिकाओं पर गामा किरणों का असर नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कई बार सिर में ट्यूमर ऐसी जगह होता है जहां सर्जरी नहीं की जा सकती है। उसमें गामा नाइफ काफी कारगर साबित होगी। गामा नाइफ से सर्जरी के चार घंटे बाद मरीज को डिस्चार्ज भी किया जा सकता है, जबकि सामान्य विधि से सर्जरी वाले मरीजों को हफ्तों भर्ती रखना पड़ता है। गामा नाइफ से प्रतिवर्ष करीब 1000 मरीजों का सर्जरी किया जा सकता है। इससे सर्जरी का इंतजार कम होगा।
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