
लखनऊ । दीपावली सब भैया दूज तक का त्यौहार, सिर्फ रोशनी और पटाखे ही नहीं, बल्कि परिवार और मिलन का उत्सव भी है। इसी खुशी के बीच खानपान में थोड़ी-सी लापरवाही कई बीमारियों को बढ़ा सकती है — विशेषकर डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर, मोटापा, गैस्ट्रिक या हृदय रोग वाले लोगों के लिए। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की वरिष्ठ डाइटिशियन मृदुल विभा बताती है कि मस्ती के साथ खानपान में ध्यान रखकर भी भी त्योहार का आनंद लिया जा सकता है, बस कुछ बातों का ध्यान रखें —
1. मिठाई का चयन सोच-समझकर करें। घर पर बनी मिठाई जैसे भुने बेसन के लड्डू, सूखे मेवे की बर्फी, या गुड़ और नारियल से बनी मिठाई बेहतर विकल्प हैं।
रिफाइंड शुगर से बनी बाजार की मिठाइयों से परहेज़ करें।
डायबिटिक व्यक्ति स्टीविया या डेट्स (खजूर) आधारित मिठाई चुनें, पर मात्रा सीमित रखें (1–2 पीस पर्याप्त)।
2.
दीपावली पर नमकीन, चिप्स और पकवानों की भरमार होती है। लेकिन रीयूज़ किए गए तेल में तला हुआ खाना हृदय रोग, कोलेस्ट्रॉल और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
एयर फ्रायर या बेकिंग का उपयोग करें, जिससे स्वाद भी बरकरार रहेगा और फैट भी कम होगा।
3. प्लेट में संतुलन रखें
हर भोजन में सलाद, दही, फल और थोड़ी-सी मिठाई शामिल करें ताकि शरीर को पर्याप्त फाइबर और विटामिन मिलें।
एक समय में अधिक न खाएं, पोर्शन कंट्रोल रखें।
4. पर्याप्त पानी पिएं
त्योहार की भागदौड़ में लोग पानी पीना भूल जाते हैं। दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी पिएं। इससे शरीर डिटॉक्स रहेगा
5. हेल्दी ड्रिंक्स का चुनाव करें
नींबू-पुदीना जल, नारियल पानी, छाछ या ग्रीन टी जैसे पेय पदार्थ अपनाएं।
कोल्ड ड्रिंक, सोडा या एनर्जी ड्रिंक से दूर रहें।
6. त्योहार के बाद डिटॉक्स प्लान अपनाएं
2–3 दिन तक हल्का, फाइबर-युक्त आहार लें — जैसे मूंग दाल खिचड़ी, सूप, सलाद।
रोज़ 30 मिनट वॉक करें, जिससे अतिरिक्त कैलोरी बर्न हो सके।
7. विशेष सुझाव रोगियों के लिए
डायबिटीज़ वाले – शुगर-फ्री स्वीट्स भी सीमित मात्रा में लें, भोजन में साबुत अनाज और प्रोटीन बढ़ाएं।
हाइपरटेंशन वाले – नमक कम करें, तले खाद्य पदार्थों से बचें, नारियल पानी लें।
हार्ट पेशेंट्स – ऑलिव ऑयल या सरसों तेल में पका हल्का भोजन लें।
गैस्ट्रिक प्रॉब्लम वाले – मसालेदार और मीठे फूड की जगह उबला या भुना भोजन लें।
मोटापा वाले – एक प्लेट में आधा भाग सब्ज़ियां और सलाद का रखें। त्योहार की सच्ची चमक – स्वस्थ शरीर और शांत मन से आती है।
दीपों की रोशनी तभी चमकेगी जब सेहत साथ देगी।















