नेपाल बार्डर पर निःशुल्क स्वास्थ शिविर लगायेंगे गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा के विशेषज्ञ डाक्टर

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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया

लखनऊ। कर्नाटका के बाद देश में प्रदेश में सबसे ज्यादा एमबीबीएस की सीटें हैं। अगले वर्ष यूपी एमबीबीएस सीटों के मामले में कनार्टक को भी पछाड़ देगा। यह बात मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कही।

वह बृहस्पतिवार को अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा- पांच के शुभारंभ मौके पर समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्नाटका में 12545 एमबीबीएस की सीटें देश में सबसे ज्यादा हैं। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में 12425 एमबीबीएस की सीटें हैं। प्रदेश में अभी 59 जिलों के मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। इसमें दो एम्स बाकी सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। सात जिलों के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई की कवायद चल रही है। नौ जिलों में मेडिकल कॉलेज सरकार लगातार कॉलेज खोलने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रदेश में महज 13 से 14 मेडिकल कॉलेज थे।

उन्होंने कहाकि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में पीजीआई, केजीएमयू व लोहिया संस्थान के डॉक्टर बार्डर जिलो के गांव में जाकर चिकित्सा शिविर लगा रहे हैं। अन्य संस्थाओं को भी इस काम में आगे आने की जरूरत है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहाकि प्रदेश के डॉक्टरों में सेवा भाव का दृढ़ संकल्प है। इसे बरकार रखने की जरूरत है। उन्होंने इतनी सेवा व संकल्प की भावना विकसित देश के लोगों में नहीं है। सम्बोधन के बाद परिवहन मंत्री ने बसों से डॉक्टरों को हरी झंडी देकर रवाना किया।

केजीएमयू कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि भारत चिकित्सा के क्षेत्र में देश लगातार तरक्की कर मरीजों को आधुनिक इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
यात्रा के संयोजक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल बार्डर के गांवों में तीन दिन डॉक्टर रूक चिकित्सा शिविर में जरूरतमंद मरीजों की जांच करेंगे। उन्हें मुफ्त दवाएं दिया जाएगा। यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है। यात्रा प्रभारी डॉ. सुमित रूंगटा ने कहा कि थारू समेत दूसरी जनजाति के मरीजों में होने वाली बीमारियों का अध्ययन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में यात्रा के संरक्षक व कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट, भोपाल एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, केजीएमयू ट्रॉमा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. शिवम, लोहिया संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

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