लखनऊ । शहर में उजाला के नाम से तीन निजी अस्पताल चल रहे है। शहर के अलग अलग क्षेत्रों में स्थित तीनों ही निजी अस्पताल अपने यहां बेहतर प्रबंधन तथा जटिल बीमारियों का दावा करते रहे है। सीएमओ को इन तीनों निजी अस्पताल के बारे में जानकारी तो है लेकिन पंजीकरण के बारे में कोई जानकारी नही है। उधर शनिवार को छापा मारने के 24 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग उजाला नर्सिंग होम पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है, जांच में बिना पंजीकरण के नर्सिंग होम चलता मिला था।
शनिवार को एफएसडीए के अधिकारी फर्जी ब्लड बैक की छानबीन में उजाला नर्सिंग होम पहुंचे। यहां पर उस मरीज की बीमारी की केस हिस्ट्री की जानकारी की गयी, जिसके तहत मरीज का इलाज किया गया था। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी ब्लड बैंक के सूत्र उजाला नर्सिंग होम से भी जुड़े हो सकते है। छापे मारी में एक आैर खुलासा हुआ कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण के चल रहा था। यहां पर जटिल बीमारियों का इलाज करने का दावा किया जा रहा था। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम को कई व्यवस्थाएं मिली जो कि मानके विपरीत थी।
पंजीकरण के बिना ही नर्सिंग होम या अस्पताल का चलना भी फर्जी के श्रेणी में अाता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने आज उसके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बताया जाता है कि इस बीच नर्सिग होम ने अपने बचाव के लिए जोड़ तोड़ करना शुरू कर दिया है। सीएमओ डा. जीएस बाजपेई ने बताया कि पंजीकरण न होने पर सील करने की कार्रवाई की जानी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।















