लखनऊ। चार हजार बच्चों में से एक बच्चें में पायी जाने वाली बीमारी ओमफैलोशील से एक दिन के नवजात शिशु की जटिल सर्जरी कर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने नया जीवन दे दिया। पीडियाट्रिक सर्जन डा. जेडी रावत ने नेतृत्व में की गयी सर्जरी में शिशु अब सामान्य रूप से है। डा. जेडी रावत ने बताया कि गत बीस दिसम्बर को बेबी आफ यासमीन बानो सीतापुर निवासी एक दिन के शिशु को लेकर उनके विभाग पहुंची। नवजात शिशु के पेट की पत्र्ते पूरी तरह से नहीं बनी थी तथा आंतें झिल्ली में फंसी हुई थी। यहीं नहीं झिल्ली फट गयी, जिससे आंत बाहर आ गयी थी।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी को ओमफैलोशील के नाम से जाना जाता है। यह अत्यन्त जटिल बीमारी होती है तथा चार हजार बच्चों में एक में होती है। इस बीमारी के साथ वाले पचास प्रतिशत शिशुओं में ह्मदय तथा रीढ़ की हड्डी में जन्मजात विकृति होती है, जिसके कारण जान पर बनी हुई थी। डा. रावत ने बताया कि शिशु को तत्काल इमरजेंसी में भर्ती करके लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। जांच करायी गयी आैर प्राथमिक उपचार देने के बाद जटिल सर्जरी की गयी। शिशु की हालत में कुछ सुधार होने लगा।
तीन दिन शिशु बाद उसे दूध पिलाया गया, सफल होने पर दो जनवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया। अपने शिशु की सर्जरी करने के बाद नया जीवन मिलने पर अभिभावक अभिभूत है। डा. रावत ने बताया कि सर्जरी में उनके साथ डा. सुधीर सिंह, डा. गौरव, डा. गुरुमीत सिंह, डा. निरपेक्ष त्यागी तथा एनेस्थीसिया विभाग से डा. अनिता मलिक, डा. विनोद श्रीवास्तव, डा. सरिता सिंह के अलावा सिस्टर वंदना शामिल रही।
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