लखनऊ। पीजीआई ने कोरोना कॉल में ई ओपीडी के जरिये 21 हजार 220 मरीजों का उपचार करने का दावा किया है। इनमें 18 हज़ार 799 नए और पुराने मरीज शामिल है, जिन्हें टेलीफोन के जरिये पीजीआई के 26 विभागों के अलग-अलग डॉक्टरों ने इन मरीजों से परामर्श कर उपचार दिया है। यही नहीं गंभीर मरीजों को पीजीआई में भर्ती कर भी इलाज किया है। इसके अलावा प्रदेश के दूसरे अस्पतालों में भर्ती 2401 कोरोना संक्रमित मरीजों को यहां के डॉक्टरों ने टेली मेडिसिन के जरिये परामर्श दी। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान बताते हैं इन मरीजों का इलाज टेली मेडिसिन विभाग की मदद से सम्भव हुआ है। डॉ. धीमान कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीजीआई में 11 मई से विधिवत ई-ओपीडी शुरू हुई। ई ओपीडी में 26 विभाग के डॉक्टर उपलब्ध हैं ।
टेली मेडिसिन विभाग के नोडल अफसर डॉ. एसके मिश्रा बताते हैं कि पीजीआई में टेलीमेडिसिन के जरिये गुर्दा, पेट, दिल, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, डायबिटीज, स्तन कैंसर, रेडियोथेरेपी समेत 26 विभाग की ई ओपीडी संचालित की जा रही है। यह ओपीडी सोमवार से शनिवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1.30तक संचालित होती है। कोरोना संक्रमित मरीजों को दी जा रही परामर्श पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान बताते हैं कि प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए लेवल एक से तीन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को उपचार मुहैया कराया जा रहा है। इसमें प्रदेश के जिला अस्पताल से लेकर अन्य छोटे अस्पतालों के डॉक्टरों को टेली मेडिसिन के जरिये के इलाज बारे में जानकारी दी जा रही है। क्रिटिकल बकेट मैनेजमेंट, नियोनेटल यूनिट की सेवाएं दी जा रही हैं।