डा. सूर्यकांत पर लगे सरकारी नीतियों की आलोचना का आरोप, जांच शुरू

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग प्रमुख डा. सूर्यकांत पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने के आरोप लगे हैं। इस आरोपों को गंभीरता से लेते हुए शासन सचिव के निर्देश पर केजीएमयू कुलसचिव ने तत्काल पांच सदस्य जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग प्रमुख डा. सूर्यकांत ने एक टीवी चैनल की परिचर्चा में हिस्सा लिया था। इस चैनल में उनके द्वारा परिचर्चा में दिये बयान से संबंधित ब्यौरा केजीएमयू प्रशासन को भेजा गया है। दस जून को उपसचिव कुलदीप कुमार रस्तोगी ने केजीएमयू कुलपति को भेजे पत्र में कहा है कि निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क ने वीडियो फुटेज उपलब्ध कराये हैं।

फुटेज में डा. सूर्यकांत द्वारा सरकार की नीतियों की आलोचना की गई है। यह सरकारी सेवा आचरण नियमावली 1956 का उल्लंघन भी है। भेजे गये पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि उन्हें परिचर्चा में हिस्सा लेने के लिए न तो केजीएमयू ने आैर न अन्य किसी ने अधिकृत किया था। उन्होंने ना ही इस संबंध में पूर्व में कोई अनुमति ली थी। भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले में कार्यवाही कर जल्द से जल्द अवगत कराएं। शासन से इस पत्र के पहुंचने के बाद केजीएमयू कुलसचिव ने तत्काल पांच सदस्य कमेटी गठित कर दी है।

मेडिसिन संकाय की डीन डा. विनीता दास की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में डीन स्टूडेंट वेलफेयर, फैकल्टी इंचार्ज आईटी सेल, चीफ प्रॉक्टर और विजिलेंस ऑफिसर केजीएमयू को शामिल किया गया है। कुल सचिव ने जांच कमेटी को 3 दिन में रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिये है ताकि शासन को अवगत कराया जा सके।

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