किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रमुख डाक्टर शादाब मोहम्मद ने अपने डाक्टरों की टीम के साथ एक मरीज की जबड़े की विकृति को दूर ही नहीं किया, बल्कि उसकी नौकरी भी बचाने में मदद की है।
विभाग के प्रमुख डा. शादाब ने बताया कि हरदोई निवासी भरत (28) का निचला जबड़ा जन्म से ही बाहर निकला था आैर धीरे- धीरे बढ़ता जा रहा था। निचले जबड़े के बाहर होने से ऊपरी जबड़ा पीछे की तरफ जा रहा था। उन्होंने बताया कि ऊपरी जबड़ा आगे तथा निचला जबड़ा पीछे की तरफ होता है। जबड़ा आगे पीछे होने के कारण मरीज का चेहरा विकृत हो गया था। इस कारण मरीज को खाने पीने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
डा. शादाब ने बताया कि भरत ने सेना में लिखित परीक्षा दी तो वह पास हो गया। सेना ने जांच होने तक जबड़े की विकृति दूर होने तक नौकरी पर रोक लगा दी थी। मरीज ने डेंटल में डाक्टरों को अपनी दिक्कत बतायी। इसके बाद उनके नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने जबड़े की विकृति को ठीक कर दिया। इस सर्जरी के बाद खाने पीने के अलावा बोलने की दिक्कत भी ठीक हो गयी। कुछ दिन बाद उसने जाकर सेना में नौकरी भी ज्वाइन कर ली। उन्होंने बताया कि उनके साथ डा. विभा सिंह, डा.हरी राम, डा. देवराज, डा. रूबिन, डा. रूप गागुंली, डा. तस्वीर फातिमा तथा डा. विनोद शुक्ला भी शामिल थे।















