बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष अटल बि. वा.चिविवि के नियुक्त हुए परीक्षा नियंत्रक

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लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष शुक्ला को अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान ने आदेश जारी कर दिया गया है। यहां पर डॉ. देवाशीष शुक्ला की प्रतिनियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गयी है।

प्रान्तीय चिकित्सा सेवा के वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे। वे मानसिक स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष भी थे। शासन ने उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी में परीक्षा नियंत्रक पद की नई जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले वो लोहिया संस्थान में भी चिकित्सा अधीक्षक रह चुके हैं। कोविड के दौरान लोहिया संस्थान में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। आईसोलेशन, ट्राएज एरिया व कोविड की जांच आदि का खाका तैयार कर उस पर अमल किया था।

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सरकारी योजनाएं मरीजों तक पहुंचाई
जुलाई 2023 में चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियालिटी संस्थान में चिकित्सा अधीक्षक पद की जिम्मेदारी संभाली। यहां निदेशक डॉ. आरके धीमन के निर्देश पर कुलसचिव पद की भी कमान संभाली थी। कैंसर मरीजों के लिए बतौर चिकित्सा अधीक्षक अहम कदम उठाए। हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के मेडिकल स्टोर को व्यवस्थित किया। सरकार की आयुष्मान योजना, पंडित दीन दयाल, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री राहत कोष समेत दूसरी योजनाओं को लागू कराने में अहम भूमिका अदा की।

डॉ. देवाशीष की तैनाती के बाद कैंसर संस्थान ने रफ्तार पकड़ी। ओपीडी में लगभग 200 से 250 मरीज प्रतिदिन आते थे। उसके बाद मरीजों की संख्या 400 के पार पहुंची। बेड की संख्या में वृद्धि की। इमरजेंसी सेवाओं को दुरुस्त किया। पांच विभागों में पीडीसीसी कोर्स का संचालन किया। अल्ट्रासाउंड समेत दूसरी रेडियोलॉजी जांचें शुरू कराई।

डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में समय पर परीक्षा उसके परिणाम घोषित करना पहला लक्ष्य है। कुलपति मेजर जरनल डॉ. अमित देवगन के निर्देशन में संस्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज जो अभी यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं हैं उन्हें मानक पर कसकर संबद्धता प्रदान की जाएगी। पारदर्शी तरीके से नर्सिंग व पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करना लक्ष्य है। अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को देश के पटल पर पहुंचाने का भी लक्ष्य है।

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