लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में लव जिहाद के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर की मुश्किलें आैर बढ़ने जा रही है। बुधवार को विशाखा कमेटी ने जांच पूरी कर चुकी है। जांच में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर दोषी मिला है। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी रेजिडेंट पर कार्रवाई की सख्त कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं उसका प्रवेश भी निरस्त किया जा सकता है। हालांकि केजीएमयू प्रवक्ता डा. के के सिंह का कहना है कि विशाखा कमेटी की रिपोर्ट सौपे जाने की जानकारी उन्हें नहीं है।
पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर पर लव जिहाद में यौन उत्पीड़न व शादी के लिए धर्मान्तरण का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पहली शादी की बात छिपाना, निजी वीडियो को वायरल करने की धमकी देना व ब्लैक मेल करने के गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने केजीएमयू की विशाखा कमेटी से मामले की शिकायत की थी। सात सदस्यीय विशाखा कमेटी ने लगभग 15 दिन में जांच समाप्त कर दिया है। कमेटी ने लिये गये बयान व सुबूतों के आधार पर आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को दोषी पाया है। जांच रिपोर्ट के विभिन्न पहुलूओं का केजीएमयू प्रशासन अध्ययन कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बताया जाता है कि आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर का दाखिला भी निरस्त करने का प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
इस पर बैठक में विचार विमर्श किया गया है। एक से दो दिन में निर्णय ले लिया जाएगा। आरोपी का नीट पीजी के जरिए केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी में प्रवेश हुआ है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की तरफ से प्रवेश दिया गया। वहीं से रेजिडेंट को भत्ता दिया जा रहा है। इस लिए केजीएमयू चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक से प्रवेश निरस्त करने की सिफारिश कर सकता है। यहां से नीट कराने वाली संस्था और एनएमसी को पत्र भेजकर दाखिला खत्म किया जा सकेगा।












