लखनऊ। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर देशभर में हड़ताल पर गए डॉक्टरों के समर्थन में आज लखनऊ में भी आईएमए और निजी नर्सिंग होम के सभी डॉक्टरों ने एकजुट होकर हड़ताल का दी। सभी डॉक्टरों ने आईएमए भवन से जुलूस निकालकर शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे रहे। उधर लखनऊ के 246 निजी अस्पताल और 500 से ज्यादा क्लीनिक के साथ डायग्नोस्टिक सेंटर बंद होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा आलम यह हुआ सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई।
लखनऊ में नर्सिंग होम एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉक्टर अमर श्रीवास्तव ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर से मिलकर उनको एक ज्ञापन भी सौंपा वार्ता में उन्होंने डॉक्टरों की समस्याओं से भी अवगत कराया। इसके अलावा डॉक्टर रमा श्रीवास्तव और आईएमए के सचिव डॉक्टर जिलेदार रावत के नेतृत्व में आईएमए भवन से सुबह 8:30 बजे से जुलूस निकलना शुरू हुआ। जुलूस में डॉक्टरों ने झंडा बैनर ले रखा था लगभग 500 की संख्या में सड़क पर चल रहे डॉक्टरों देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गई। डॉक्टरों का जुलूस शहीद स्मारक पर जाकर समाप्त हुआ यहां पर डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। डॉक्टर जिलेदार रावत ने बताया कि सभी डॉक्टर धरने पर बैठे हैं जिलाधिकारी के आने के बाद उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा।

आईएमए की मुख्य मांग
1. हॉस्पिटल, डॉक्टर और मेडिकल सेक्टर पर हिंसा के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए. 2. डॉक्टर और उनके चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन सिंगल विंडो से किया जाए.
3. लाइसेंस राज समाप्त किए जाए.
4. एमसीआई को भंग करने से बेहतर उसमें सुधार किया जाए.
5. नेशनल एक्जिट टेस्ट के प्रस्ताव को खारिज कर एक समान फाइनल एमबीबीएस परीक्षा कराई जाए.
6. केवल जेनरिक दवाओं को लिखने की बाध्यता न हो.
7. जेनरिक और ब्रांडेड दवाओं के मूल्य में ज्यादा अंतर न हो.
8. स्वास्थ्य बजट को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत किया जाए.
9. डॉक्टरों को इलाज और जांच लिखने की पेशेवर स्वतंत्रता मिले.
10. एक हफ्ते के अंदर इंटरमिनिस्ट्रियल कमिटी के रिपोर्ट पर लागू किया जाए .















