लखनऊ। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने गोमती नगर के डा राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में हाल ही में तीन दिन पहले गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिलने पर मौत हो गयी थी। स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के बाद जांच के आधार पर मरीज की मौत की घटना में दोषी पाये गये दो डाक्टरों और दो स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया गया है। बताया जाता है कि लोहिया अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था में भी फेर बदल भी किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक की अध्यक्षता मे तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इस समिति में निदेशक, नियोजन एवं बजट तथा मुख्य चिकित्साधिकारी शाामिल थे। समिति द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार दो डाक्टर्स डा शालू महेश तथा डा शुभ्रा सिंह के अलावा स्टाफ नर्स श्रीमती अरूणिमा श्रीवास्तव एवं श्रीमती रेनू बर्नवाल को निलंबित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के समस्त चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अ्स्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर दोषियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, यह राज्य सरकार की प्राथमिता में शामिल है। डाक्टर मरीजों को गम्भीरतापूर्वक देखना सुनिश्चित करें। इसके अलावा मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार भी किया जाय। उधर नर्सो को निलम्बित होने की जानकारी दी गयी तो वह रोने लगी उनका कहना है उनकी कोई गलती नहीं है। बताया जाता है कि लोहिया अस्पताल में फार्मासिस्ट से लेकर वार्ड व्वाय तक की शिकायत लगातार शासनस्तर पर पहुंच रही है। इस कारण यहां पर प्रशासनिक व्यवस्था में भी फेर बदल किये जाने की आशंका है।















