दिन में करते थे कार से रेकी और रात में करते थे चोरी

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लखनऊ। गोमतीनगर पुलिस ने दिन में कार से बंद घरों की रेकी कर रात में चोरी करने वाले तीन षतिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ऊपर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इनके पास से पुलिस ने चोरी के रुपयों से खरीदी तीन कार, बाइक, रिवाल्वर, तमंचा, नकदी, जेवरात समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसएसपी का कहना है कि आरोपियों ने करीब 100 वारदातें की हैं। हालांकि लिखा पढ़ी में पुलिस ने 27 चोरियों का खुलासा किया है। पुलिस इनके गैंग से जुड़े लोगों की तलाष कर रही है।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इन्दिरानगर के तकरोही निवासी हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की, सीतापुर के गडेरा, अटरिया निवासी सुरेन्द्र चैहान और कानपुर के दर्शन पुरवा, फजलगंज निवासी मनोज कुमार मौर्य को एल्डिकोग्रीन बंधा के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी दिन में कार पर सवार होकर ट्रांसगोमती क्षेत्र में बंद घरों की रेकी करते थे, जिसके बाद रात में कार से वहां पहुंचते थे और चोरी कर भाग जाते थे।

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आरोपियों ने गोमतीनगर, चिनहट, विकासनगर, हसनगंज समेत कई अन्य थाना क्षेत्रों में चोरी वारदात की है। आरोपियों की गिरफ्तारी में एसओ गोमतीनगर विश्वजीत सिंह, स्वाट टीम उत्तरी प्रभारी राजेश राय, एसआई हरिकेश राय, राम आशीष उपाध्याय, स्वाट टीम के कां अफसार आलम, गोविन्द,, सुनील राय, कां रिन्कू राजौरा, अमित यादव, गुलाब चन्द्र, दीपक शर्मा, मुकेश चैधरी, रामानन्द यादव और प्रदीप तिवारी शामिल थे।

खरीदी थी लग्गजरी कारें

आरोपी चोरी के रुपयों से लग्जरी जीवन जीने के षौकीन थे। वह रात में चोरी करने के बाद मिले रुपयों को एकत्र कर लग्जरी कारें खरीदें थें। आरोपी दिन में कार से घूमकर रेकी करते थे, जिसके बाद रात में वारदात करते थे। वारदात के समय एक आरोपी कार में बाहर रहता था, जबकि उसके साथी मकान के अंदर चोरी करते थे। चोरी के माॅल को आरोपी कार में रखकर फरार हो जाते थे।

इस तरह बनाया था आरोपी ने गैंग

एसएसपी का कहना है कि आरोपी हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। कुछ वर्ष पूर्व आरोपी राजधानी आया और यहां पर अपना गैंग बनाकर चोरी की वारदात शुरू कर दी। इस गैंग में शामिल तीनों आरोपी शातिर किस्म के हैं, जो पूरी रेकी करने के बाद ही वारदात करते थे। इसके साथ ही मिले रुपयों को अपास में बांट लेते थे।

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