लखनऊ- दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में एसटीएफ ने सात हैकरों को गिर तार किया। हैकरों ने परीक्षा कराने वाली कंपनी की वेबसाइट को एक्सेस टूल के इस्तेमाल से हैक कर लिया था। एसटीएफ आईजी अमिताभ यश का कहना है कि अभी जांच चल रही है। जल्द ही और भी गिर तारियों के साथ खुलासे किए जाएंगे।
आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गत सात जुलाई से 31 जुलाई के बीच सब इंस्पेक्टर की परीक्षा का आयोजन किया गया था। ऑन लाइन परीक्षा कराने का जि मा मु बई की एक निजी कंपनी एनएसईआईटी को दिया गया था। 21 जुलाई को होने वाली परीक्षा से पहले ही पेपर लीक की सूचना से हड़क प मच गया था। दरोगा परीक्षा का लीक हुआ पेपर सोशल साइट पर भी वायरल हो गया था। जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। जबकि बाद में पूरी परीक्षा ही स्थगित कर दी गई थी। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर एसटीएफ को इसकी जांच सौंप दी गई थी।
मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने एक महीने की पड़ताल के बाद पेपर लीक मामले में सात अभियुक्तों को गिर तार कर इसका खुलासा कर दिया। एसटीएफ आईजी अमिताभ यश का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। परीक्षा कराने वाली कंपनी की लापरवाही भी देखी जा रही है। साथ ही गिर तार अभियुक्तों से पूछताछ कर उनके अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उनकी गिर तारी जल्द से जल्द की जा सके। गिर तार किए गए अभियुक्तों में हरियाणा का गौरव आनंद, बलराम, मथुरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह, अलीगढ़ निवासी दिनेश कुमार, दीपक कुमार, गौरव खत्री और मिर्जापुर निवासी राकेश कुमार विश्वकर्मा हैं। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
सुरक्षा को लेकर हुई हीलाहवाली –
दरोगा भर्ती परीक्षा कराने वाले कंपनी ने सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की थी। परीक्षा कराने से पहले कंपनी को एक्जामिनेशन सिस्टेम का सिक्योरिटी आडिट कराना जरूरी होता है, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया था। यहां तक परीक्षा केंद्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था के अलावा परीक्षार्थियों के जांच पड़ताल का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
दस लाख रुपए में हुई थी डील
एसटीएफ ने खुलासे में बताया कि पेपर लीक करने के लिए दस लाख रुपए में डील हुई थी। यह डील गौरव आनंद के भाई सौरभ के जरिए हुई थी। जबकि डील का मिडिएटर गौरव खत्री था। जबकि गिर तार अभियुक्त दिनेश और दीपक परीक्षार्थी बने हुए थे और परीक्षा दे रहे थे।
जेल में बैठकर रची थी साजिश
एसटीएफ का कहना है कि गैंग का सरगना सौरभ गौरव आनंद का भाई है। वह इस समय हरियाणा जेल में बंद हैं। आरोपी सौरभ ने जेल में ही बैठकर परीक्षा पेपर लीक का ताना बाना बुना था। उसी के इशारे पर उसके भाई ने अन्य साथियों की मदद से दरोगा भर्ती परीक्षा की वेबसाइट हैक कर ली थी।
रेलवे परीक्षा पेपर लीक का मुख्य आरोपी है सौरभ
एसटीएफ ने इस बात का भी खुलासा किया है कि सौरभ ने दरोगा भर्ती परीक्षा मामले में ही आरोपी नहीं है। बल्कि रेलवे परीक्षा के दौरान भी उसने पूरी वेबसाइट हैक कर ली थी और पेपर लीक कर दिए थे। इस मामले में उसे जेल हुई है।
वेबसाइट ही नहीं लिखित पेपर भी कर दिया था गायब
दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर सिर्फ ऑन लाइन ही हैक नहीं किया गया था। बल्कि परीक्षा केंद्रों पर आया लिखित पेपर भी गायब किया गया था। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी गौरव आनंद ने बताया कि वह जिस परीक्षा केंद्र में कार्यरत था वहां से उसने पेपर पार कर दिए थे।
आईटी एक्सपर्ट हैं आरोपी
एसटीएफ ने जिन आरोपियों को गिर तार किया है वो सभी आईटी एक्सपर्ट हैं। आरोपियों में बलराम ओम इंस्टीटघ््यूट आगरा के आईटी डिपार्टमेंट का हेड है। जबकि आरोपी पुष्पेंद्र इंविजीलेटर है। वहीं गौरव आनंद भी आईटी डिपार्टमेंट में काम करता है।
ऑन लाइन गूगल करता पेपर हल
एसटीएफ आईजी अमिताभ यश ने बताया कि हैकरों ने जिस रिमोड एक्सेस टूल्स का प्रयोग कर वेबसाइट हैक की थी। उसके जरिए परीक्षार्थियों को पेपर तक हल नहीं करना पड़ता। ऑन लाइन ही गूगल उनका पेपर हल कर देता। एसटीएफ का दावा है कि परीक्षा पेपर लीक मामले में सेंटर संचालक, परीक्षार्थियों को भी गिर तार किया गया है। इतना ही नहीं कई अन्य सेंटरों पर भी इस तरह का खेल किया गया था। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।















