लखनऊ। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर) ने शुक्रवार को अपने 66 वें वार्षिक दिवस पर हर्बल टूथपेस्ट ‘जैन्थोपेस्ट”एवं हर्बल नैनो फ्लोर कीटाणुनाशक और क्लीनर”को जारी किया। संस्थान के निदेशक प्रो एस के बारिक ने दावा किया कि’जैन्थोडेंट”हर्बल अवयवों पर आधारित टूथपेस्ट है, जो कैविटी को रोकने के साथ दांतों का पीलापन दूर करता है और मुंह में ताजगी प्रदान करता है। यह टूथपेस्ट फ्लोराइड, ट्राइक्लोसन और कृािम रासायनिक परिरक्षकों से मुक्त है।
उन्होने 2018-19 की वार्षिक प्रगति प्रस्तुत की और इस दौरान संस्थान द्वारा हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों के बारे में बताया जिनमे प्रमुख रूप से तीन नए हर्बल फोर्मूलेशनों क्रमश:’दांत दर्दरोधी हर्बल हाइड्रोजेल’,”हर्बल नैनो फ्लोर कीटाणुनाशक और क्लीनर’, और”दीमक रोधी फोर्मूलेशन’; चावल की भूसी के खेतों में ही क्षरण और फसलों में जिंक घुलनशीलता और आयरन ग्रहण के लिए एक माइक्रोबियल संघ और सोडिक मिट्टी के उत्थान के लिए एक और फोर्मूलेशन ‘ट्राइको-स्ट्रॉ पेलेट”, जिसमें सूक्ष्मजीव युक्त चावल के भूसे की गोली शामिल है।
प्रो बारिक ने बताया कि संस्थान का एक अन्य उत्पाद पादप आधारित फर्श संक्रमण नाशक एवं क्लीनर है जिसे नैनो टेकनोलोजी का प्रयोग करते हुए बनाया गया है. इस उत्पाद में पादप आधारित नैनो-सूक्ष्मजीव रोधी यौगिक हैं एवं यह पूरी तरह जल में घुलनशील, उत्पाद सल्फेट मुक्त है जो कि त्वचाको नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं यह उत्पाद पूरी तरह जैविक रूप से नष्ट हो सकने के कारण पर्यावरण हितैषी है।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ रमेश वी सोन्ती, निदेशक, राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान ने बताया कि पौधे लगातार अपने ऊपर विभिन्न प्रकार के रोगजनकों के आक्रमण का सामना करते रहते हैं लेकिन उनमें जंतुओं की तरह कोशिकीय प्रतिरोधक तंा नहीं होता. बल्कि इसकी जगह जीवाणुओं द्वारा कोशिका नष्ट करने वाले एंजाइमों द्वारा पादप कोशिका को नष्ट करने पर कोशिका में स्वत: एक प्रतिरोधी प्रतिक्रया का प्रेरण होता है. इस क्रिया-प्रतिक्रया का विस्तृत अध्ययन कर के पौधों में रोग प्रतिरोधकता को समझा एवं बढाया जा सकता है।
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