कोविड-19 में इस तरह बढ़ी केजीएमयू की जिम्मेदारी

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को कोविड -19 के परीक्षण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाये जाने के अलावा कुछ अतिरिक्त भी जिम्मेदारी भी मिली है, जिसमें मूलरूप से किट्स का वेलिडेशन किया जाना प्रमुख है। इससे पहले यह जिम्मेदारी सिर्फ एनआईवी पुणे के पास थी, अब केजीएमयू भी उसके साथ जिम्मेदारी निर्वाहन करेंगा।
केजीएमयू कु लपति ने बताया कि भविष्य में कोविड-19 किटों के निर्माणकर्ता केजीएमयू से सम्पर्क कर अपनी किटों का परीक्षण करा सकते है। उन्होंने बताया कि मात्र तीन प्रकार की किट्स की वेलीडेशन का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें एक वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया ट¬ूब होता है।जिसमें नमूना एकत्र करके ले जाया जाता है। इसमें उच्चस्तरीय गुणवत्ता होनी चाहिए। इसके साथ ही किट्स की प्रामणिकता के लिए स्टैडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजर आईसीएमआर से मिल चुका है।

उन्होंने बताया कि दो अन्य किट की जांच करने के लिए मानक मिल चुके है। कुलपति ने बताया कि आरटी पीसीआर से अभी तक सौ टेस्ट प्रतिदिन उत्तर प्रदेश में ही होते है।अब यह संख्या पांच हजार हो गयी है। प्रतिदिन दस हजार जांच करने के लिए प्रदेश में प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में कोविड-19 की जांच के लिए बीस लैब कार्यरत है आैर केजीएमयू को नोडल सेंटर बनाया गया है।

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