न्यूज। खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने गुरुवार को कहा कि कोरोनोवायरस प्रभावित देश सहित अन्य स्थानों से आयातित खाद्य पदार्थ इंसान की खपत के लिहाज से ‘सुरक्षित” हैं। लेकिन नियामक ने लोगों को आगाह किया कि वे कच्चा खाना अथवा अधपके मांस आैर गैर-प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को नहीं खायें। भारतीय खाद्य सुरक्षा आैर मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) ने कहा कि इस मुद्दे की जांच के लिए गठित एक समिति ने इस घातक वायरस (कोरोना) के खाद्य जनित संचरण (प्रसार) का कोई ‘निर्णायक सबूत” नहीं पाया है।
कोरोनावायरस मुख्य रूप से श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है तथा छींकने, खाँसने, दूषित हाथों आैर सतहों के जरिये बूंदों के माध्यम से मानव से मानव में फैलता है। एफएसएसएआई ने एक बयान में कहा कि समिति ने कहा कि पाल्ट्री के मांस सहित अच्छी तरह पके हुए जानवरों का मांस खाना सुरक्षित बताया है।
समिति ने एहतियात के तौर पर कच्चे या अधपके मांस के साथ-साथ गैर-प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को नहीं खाने की सलाह दी है। एफएसएसएआई ने कहा है कि फ्रोजेन खाद्य पदार्थो को अच्छी तरह पकाने के बाद ही सेवन किया जाना चाहिए। एफएसएसएआई ने कहा है कि कच्चे फलों आैर सब्जियों के सेवन से पहले उनको अच्छी तरह साफ कर लिया जाना चाहिए। भारत में कोरोनावायरस के 30 मामले सामने आए हैं।
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