लखनऊ। मरीजों के इलाज में जुटे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉक्टर रेजिडेंट और नर्सिंग स्टाफ के अलावा अन्य लोग भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आने लगे हैं। केजीएमयू का रेडियो डायग्नोसिस विभाग में 4 रेजिडेंट डॉक्टर सहित 29 एक वार्ड बॉय और एक सफाई कर्मचारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। विभाग ने सावधानी बरतते हुए 6 जूनियर और एक सीनियर रेजिडेंट को क्वॉरेंटाइन कर दिया है। केजीएमयू में पल्मोनरी मेडिसिन, पल्मोनरी क्रिटिकल केयर, मेडिसिन विभाग, ट्रामा सेंटर, लारी कार्डियोलॉजी सहित कई अन्य विभागों में रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टाफ वा सीनियर डॉक्टर भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
मरीजों का इलाज के दौरान रेडियो डायग्नोसिस विभाग में भी दो जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। दोनों को भर्ती करके शुरू कर दिया गया। विभाग में ही इससे पहले 2 रेजीडेंट डॉक्टरों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इस प्रकार विभाग में अब तक 4 रेजिडेंट डॉक्टर कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं इनमें से तीन रेजिडेंट डॉक्टर भर्ती है और उनका इलाज चल रहा है, जबकि एक रेजिडेंट डॉक्टर संक्रमण मुक्त हो चुका है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 6 जूनियर डॉक्टर और एक सीनियर डॉक्टर को क्वॉरेंटाइन किया गया है।
इसके अलावा विभाग में दो नर्सिंग स्टाफ एक तकनीशियन एक वार्ड बॉय तथा एक सफाई कर्मचारी में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 12 अन्य कर्मचारियों को चिन्हित करके कल इनका टेस्ट कराया जाएगा। विभाग में कोरोना संक्रमण के कारण इलाज करा रहे हैं मरीज और अन्य कर्मचारियों डॉक्टरों में डर बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि एक संक्रमित से संपर्क में आने के कारण अन्य लोगों में इसका संक्रमण फैलने की ज्यादा आशंका है। संक्रमण कहां से शुरू हुआ इसकी केस हिस्ट्री की जानकारी एकत्र की जा रही है।