प्रदेश के 60 नर्सिंग कॉलेजों को दिए गए सहमति पत्र

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सुविधाओं से लैस होगा में अटल बिहारी वाजपेई चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय

लखनऊ – कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में उत्‍तर प्रदेश को दूसरे राज्‍यों से आगे रखने वाले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को और भी बेहतर बनाते हुए प्रदेश की चिकित्‍सा शिक्षा व सुविधाओं में इजाफा किया है। जिसके तहत राजधानी लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेई चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस गवर्निंग चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय के तहत प्रदेश के 60 सरकारी व निजी संस्‍थान आएंगें।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के दिशा निर्देशानुसार इस साल के अंत तक अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जिससे एक ओर यूपी के दूसरे मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता आसानी से मिल सकेगी तो वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं की सुविधाओं में भी इजाफा होगा। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम चरण में दूसरे मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता दी जा रही है। छात्र-छात्राएं एमबीबीएस की पढ़ाई भी यहां से कर सकेंगें। इसका खाका संस्‍थान व प्रशासन की ओर से तैयार कर लिया गया है।

अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी चक गंजरिया में 50 एकड़ भूमि पर इसका निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिवर्सिटी में 20 एकड़ भूमि पर एकेडमिक ब्‍लॉक का निर्माण भी किया जाएगा। कुलपति डॉ एके सिंह ने बताया कि परिसर में एक भव्‍य ऑडिटोरियम बनेगा जिसमें 2,500 लोग बैठ सकेंगें। इसके साथ ही परिसर में कुलपति, डॉक्‍टर और दूसरे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवासीय व्‍यवस्‍था के लिए आवासों का निर्माण भी किया जाएगा। इन निर्माण कार्यों की जिम्‍मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।

यूपी के 60 नर्सिंग कॉलेजों को दिया गया सहमति पत्र
अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी से अब तक यूपी के11 मेडिकल कॉलेजों व 60 नर्सिंग कॉलेजों को सहमति पत्र दिए जा चुकें हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में नौ सरकारी और दो प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की संबद्धता की राहें हुईं आसान
अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के शुभारंभ से प्रदेश की दूसरे प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के साथ ही पैरामैडिकल कॉलेज, डेंटल व नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता की राहें आसान हो जाएंगी। इस यूनिवर्सिटी के जरिए प्रथम चरण में कॉलेजों को आसानी से संबद्धता मिल सकेगी और दूसरे चरण में एमबीबीएस में दाखिलों की शुरूआत की जाएगी। ये यूनिवर्सिटी इन सभी कॉलेजों के साथ ही अन्‍य मेडिकल कोर्सों में भी संबद्धता, असेसमेंट, दाखिला, इनरोलमेंट के क्षेत्र में कार्य करेगी।

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