लखनऊ। मरीज की किडनी चोरी प्रकरण में दर्ज करायी गयी बाराबंकी में पुलिस रिपोर्ट के खिलाफ किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए ) ने किडनी चोरी प्रकरण में वरिष्ठ सर्जन डा. संदीप तिवारी व डा. आनंद मिश्र पर लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद बताया है आैर पुलिस में दर्ज रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना जांच के किसी भी डाक्टर कोई आरोप लगाना गलत होगा।
ज्ञापन में कहा रिपोर्ट बिना जांच के न हो दर्ज :
आरडीए के प्रेसीडेंट शंशाक मिश्र, वाइस प्रेसीडेंट सुनील नायक, सचिव गणेश यादव ने सभी रेजीडेंट डाक्टरों की तरफ से भेजे गये पत्र में कहा है कि पृथ्वी राज का आपरेशन 19 फरवरी को 2015 को ट्रामा सेंटर में गंभीर चोट लगने के कारण हुआ था। मरीज के आंतरिक चोट होने के अलावा आंत फटी हुई थी।
- मरीज की बुरी तरह फटने के कारण पूरे पेट में मल फैला हुआ था, ऐसी स्थिति में संक्रमण फैल होता है। ऐसे में किसी भी अंदरूनी प्रत्यारोपण संभव नहीं है।
- किसी एक मरीज की किडनी प्रत्यारोपण दूसर में करने से पहले दूसरे डोनर की कई प्रकार की जांच होती है। जैव रासायनिक मानकों पर खरा उतरना होता है। इस मिलान में लगभग एक सप्ताह का वक्त लग जाता है। इस कार्य के लिए विशेषज्ञ डाक्टर के देखरेख में होता है। यह इमरजेंसी में आये मरीज का करना सम्भव नहीं है।
- एक शरीर से दूसरे शरीर में गुर्दा प्रत्यारोपण एक नितांत जटिल व अतिविशिष्ट प्रक्रिया है। इसके लिए अत्याधुनिक उपकरणों, विशेष शल्य कक्ष, विशेष निश्चेतक उपकरणों आैर दवाओं की आवश्यकता होती है। जो कि ट्रामा सेंटर में मौजूद नही है।
- इस लिए दोनो डाक्टरों पर बिना जांच के गंभीर आरोप लगाना गलत है। इस तरह के आरोप रुपयों के लालच आैर बिचोलियों के बहकावे में आकर होता है।















