लखनऊ। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पातल में 10 वेंटिलेटर खरीदने की तैयारी हो चुकी है लेकिन अभी तक ऑक्सीजन प्लांट न बनने के कारण वेंटिलेंटर यूनिट शुरू होना अभी टेढ़ी खीर है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए न तो अभी तक तकनीकी टीम ने जांच पड़ताल की है आैर न ही अभी शासन स्तर पर इसकी संस्तुति मिली है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन प्लांट का बजट पास होने का दावा कर रहा है।
बजट पास हुए एक साल से ज्यादा समय बीच लेकिन अभी तक दस पीडियाट्रिक वेंटिलेटर नहीं मिले। इसके चलते पीआईसीयू का संचालन अधर में पड़ा है। 27 अगस्त 2013 में अस्पताल के बाल रोग विभाग शुरुआत की गयी, ताकि गंभीर बीमार बच्चों को चिकित्सा सुविधा मिल सके। करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत बने पचास बिस्तरों वाले इस विभाग में ओपीडी, सभागार, एसी जनरल वार्ड, पीआईसी यूनिट बनायी गयी। गत वर्ष दस वेंटीलेटर लगाने के लिए 235 लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिली है। फिलहाल, दस वेंटीलेटर कब लगेंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक 235 लाख रुपये के उपकरण खरीदने स्वास्थ्य महानिदेशालय की सीएमएसडी विंग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
वेंटिलेटर के अभाव रेफर होते मासूम :
पीआईसीयू के अभाव में आधुनिक चिकित्सा नहीं मिल पा रही है जबकि ज्यादातर समय बच्चों की एडमिट संख्या 60 से 80 प्रतिशत रहती है। वेंटीलेटर के अभाव में बच्चों को केजीएमयू, लोहिया संस्थान या फिर पीजीआई रेफर किये जाते हैं। सिविल अस्पताल के निदेशक डा. हिम्मत सिंह दानू ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशलय स्तर से टेंडर किये जाएंगे। इसकी तैयारी चल रही है।