लखनऊ। बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ… का यह नारा यह अभी बेमानी साबित हो रहा है। लगातार पांच बार बेटियां होने के बाद बेटे की चाहत में छठी बार फिर बेटी होने पर मां इस दुधमुहें नवजात को क्वीन मेरी अस्पताल में छोड़ कर भाग गयी। यह नवजात नियोनेटल केयर यूनिट में भर्ती है। काफी खोजबीन के बाद भी इसकी मां व परिजनों का पता नहीं चला तो इस नवजात की वहां की डाक्टर्स व स्टाफ देख भाल कर रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डा. एस पी जायसवार की देखरेख में इलाज व देखभाल के बाद यह नवजात कन्या सबकी लाडली बन चुकी है, सब मिल जुल कर इसकी देखभाल कर रहे है। जांच करने पर परिजनों द्वारा दर्ज कराया गया मोबाइल नम्बर व पता गलत होने के कारण परेशान क्वीनमेरी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दे दी है।
बताया जाता है कि दो अक्टूबर को संतोष नाम की महिला प्रसव पीड़ा होने पर क्वीन मेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने संतोष नाम की इस महिला के नार्मल प्रसव से बेटी का जन्म कराया, जन्म के बाद इस नवजात को प्राथमिक देखरेख के लिए अस्पताल में ही स्थित एनएनयू में भर्ती कर दिया गया। बताया जाता है कि कुछ दिन तो महेश नाम का व्यक्ति इस नवजात शिशु की देखभाल करने आया, लेकिन अचानक वह भी गायब हो गया। नवजात शिशु के परिजनों के इस तरह गायब होने पर डाक्टरों ने उन्होंने बेबी आफ संतोष को वार्ड में तलाश करते हुए बुलाया तो पता चला कि मां संतोष भी वार्ड से गायब है।
महिला संतोष की बेड हेड टिकट (बीएचटी) को निकाल कर देखा गया आैर मोबाइल भी गलत निकला। इसके अलावा दिया गया पता भी सही नहीं था। बताया जाता है कि नवजात शिशु के परिजनों ने एनएनयू में दूसरा पता नोट कराया आैर प्रसव के वक्त दूसरा पता नोट कराया। दो पते होने पर क्वीन मेरी अस्पताल प्रशासन परेशान है। चिकित्सा अधीक्षक डा. एस पी जायसवार ने बताया कि नवजात शिशु की देखरेख की जा रही है आैर इसकी जानकारी पुलिस को सूचना दे दी है।















